Lifestyle Adda: बाथरूम घर का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन यहां गीला फर्श, चिकनी सतह और संतुलन बिगड़ने जैसी वजहों से गिरने का खतरा भी बना रहता है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों में गिरने से गंभीर चोट या फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है।
Read more: क्या है बाथरूम कैम्पिंग ट्रेंड? युवाओं में क्यों तेजी से बढ़ रहा है क्रेज
उपलब्ध मेडिकल आंकड़ों में 15 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 2 लाख 34 हजार लोगों के बाथरूम में दुर्घटना के बाद इलाज कराने का उल्लेख किया गया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की थी, जहां लोग फिसलकर गिर गए थे। 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में गिरने से फ्रैक्चर का खतरा भी ज्यादा देखा गया।
बाथरूम का फर्श क्यों बन सकता है खतरनाक?
बाथरूम में पानी के कारण फर्श की सतह काफी फिसलन भरी हो सकती है। शॉवर एरिया, बाथटब के आसपास और सिंक के पास पानी जमा होने पर पैर का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए बाथरूम के फर्श को जितना संभव हो सूखा रखना जरूरी है। पानी गिरने के बाद उसे जल्द से जल्द साफ करें और ऐसी सतह या मैट का इस्तेमाल करें जिसमें अच्छी ग्रिप हो।
गलत बाथमैट भी बढ़ा सकता है गिरने का खतरा
बाथरूम में इस्तेमाल होने वाला मैट भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हल्के या आसानी से खिसकने वाले सजावटी गलीचे पैर पड़ते ही आगे या पीछे सरक सकते हैं और व्यक्ति के गिरने की वजह बन सकते हैं। इसके बजाय नॉन-स्लिप बैकिंग वाले बाथमैट का इस्तेमाल करना बेहतर है। शॉवर या बाथटब का फर्श चिकना है तो वहां भी अच्छी ग्रिप वाली नॉन-स्लिप सतह का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सही फुटवियर का रखें ध्यान
गीले बाथरूम में ऐसी चप्पल पहनने से बचें जिसकी सोल आसानी से फिसलती हो। अगर बाथरूम में फुटवियर पहनते हैं तो ऐसी चप्पल चुनें जिसकी सोल में अच्छी ग्रिप हो। सिर्फ मोजे पहनकर गीले या चिकने फर्श पर चलना भी सुरक्षित विकल्प नहीं है, क्योंकि मोजे फिसलने का खतरा बढ़ा सकते हैं।
ग्रैब बार से मिल सकता है मजबूत सहारा
बुजुर्गों या संतुलन की समस्या वाले लोगों के लिए बाथरूम में ग्रैब बार उपयोगी हो सकते हैं। इन्हें टॉयलेट और शॉवर एरिया के पास उचित जगह पर मजबूत तरीके से लगाया जा सकता है। ग्रैब बार का उद्देश्य व्यक्ति को उठने, बैठने या दिशा बदलने के दौरान अतिरिक्त सहारा देना है। इन्हें केवल तौलिया टांगने वाली रॉड की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि सामान्य टॉवल रॉड शरीर का वजन संभालने के लिए डिजाइन नहीं होती।
Read more: दक्षिण कोरिया की शादी: भारतीय महिला को हुआ अनोखा अनुभव, जानें परंपरा
आंखों की रोशनी और संतुलन भी है महत्वपूर्ण
बाथरूम में गिरने की वजह केवल फर्श की फिसलन नहीं होती। कमजोर नजर और शरीर का संतुलन बिगड़ना भी जोखिम बढ़ा सकता है। उम्र बढ़ने के साथ नियमित आंखों की जांच कराना और जरूरत पड़ने पर सही नंबर का चश्मा इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है। संतुलन से जुड़ी समस्या महसूस होने पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना भी बेहतर है।
बाथरूम में जल्दबाजी करने से बचें
टॉयलेट से उठते समय या शॉवर और बाथटब से बाहर निकलते समय जल्दबाजी न करें। पहले अपना संतुलन बनाएं और फिर धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं। खासकर बुजुर्गों को रात में बाथरूम जाते समय पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखना चाहिए। बाथरूम तक जाने वाले रास्ते में सामान या ऐसी चीजें न रखें जिनसे पैर टकरा सकता है।
छोटी सावधानियां रोक सकती हैं बड़ा हादसा
बाथरूम में गिरने की कई घटनाएं अचानक होती हैं, लेकिन कुछ सामान्य सावधानियों से जोखिम कम किया जा सकता है। फर्श को सूखा रखना, नॉन-स्लिप मैट लगाना, अच्छी ग्रिप वाले फुटवियर पहनना और जरूरत के अनुसार ग्रैब बार लगाना इसमें मददगार हो सकता है। अगर घर में बुजुर्ग, संतुलन की समस्या वाले व्यक्ति या पहले गिर चुके व्यक्ति हैं, तो बाथरूम की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। थोड़ी सी तैयारी गंभीर चोट और अस्पताल जाने की स्थिति से बचाने में मदद कर सकती है।





