रांची: झारखंड की राजधानी रांची में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष पहल की गई। इस कड़ी में, रांची नगर निगम के अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 22/11 पर अपना बहुमूल्य वोट डालने पहुंचे मो. कामरान अहमद को ‘प्रथम मतदाता’ के रूप में मतदान करने पर सम्मानित किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के आदेशानुसार, पीठासीन अधिकारी ने उन्हें ‘सम्मानित जागरूक मतदाता प्रमाण-पत्र’ प्रदान किया। 23 फरवरी 2026 को हुए इस मतदान के दौरान युवाओं…
Author: Muzaffar Hussain
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मंगलवार को राज्य का वित्तीय भविष्य सदन के पटल पर रखा गया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया। पिछले वर्ष (1,45,400 करोड़) के मुकाबले यह बजट करीब 9 प्रतिशत अधिक है। ‘अबुआ दिशोम’ नाम दिए गए इस बजट में सरकार ने सामाजिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा को अपनी प्राथमिकता की धुरी बनाया है। भावुक क्षण और गुरुजी को समर्पण बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने इस बजट को अपने ‘गुरुजी’ को समर्पित करते…
रांची: झारखंड की पहचान और अस्तित्व के लिए लड़ने वाले आंदोलनकारियों ने एक बार फिर हुंकार भरी है। ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आगामी 10 मार्च से अनिश्चितकालीन विधानसभा मार्च का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसकी शुरुआत सुबह 11 बजे बिरसा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी। मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यह लड़ाई स्वाभिमान और न्याय की है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद से अब तक 3503 आंदोलनकारी…
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन राज्य की जीवनदायिनी नदियों के नाम रहा। मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और पर्यावरण मामलों के जानकार सरयू राय ने नदियों में बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण के गंभीर मुद्दे पर सरकार को घेरा। उनके तीखे सवालों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या औद्योगिक विकास की कीमत हमारी नदियों को चुकानी पड़ेगी? सरयू राय का सवाल : क्या फिर मैली हो रही है ‘देवनद’ दामोदर? विधायक सरयू राय ने विशेष रूप से दामोदर नदी का मामला उठाते हुए पूछा कि जिस नदी को…
लातेहार/चतरा: नियति का खेल भी अजीब होता है, जहाँ एक पिता अपने बेटे के सिर पर सेहरा सजाने के ख्वाब देख रहा था, वहां आज पूरा परिवार गहरे मातम में डूबा है। सोमवार की रात चतरा और लातेहार जिले की सीमा पर स्थित सिमरिया के जंगलों में हुए विमान हादसे ने लातेहार के एक होनहार सपूत, पायलट विवेक विकास भगत को हमसे छीन लिया। विवेक मूल रूप से लातेहार सदर प्रखंड के लूटी गांव के रहने वाले थे। उनके पिता, देव सहाय भगत, वर्तमान में चतरा के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। विवेक बचपन…
रांची: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को झारखंड के स्वर्णिम भविष्य की आधारशिला बताया है। सदन में पारित 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि राज्य के किसानों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला दस्तावेज है। कृषि और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम मंत्री तिर्की ने स्पष्ट किया कि बजट का एक बड़ा हिस्सा, यानी 4,884.20 करोड़ रुपये, सीधे तौर पर कृषि और सहकारिता विभाग को…
रांंची/चतरा: झारखंड के चतरा जिले में हुए भयावह एयर एंबुलेंस हादसे ने पूरे राज्य को शोक की लहर में डुबो दिया है। मंगलवार को चतरा के सांसद कालीचरण सिंह और सूबे के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता सिमरिया प्रखंड के उस दुर्गम ‘चरकी टोंगरी करमटांड़’ जंगल पहुंचे, जहां बीते शाम रेड बर्ड एविएशन का एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था। घटनास्थल का मंजर देख अधिकारियों से जानकारी लेते हुए दोनों नेताओं की आंखें भी नम दिखीं। शोक में डूबा चतरा, मुआवजे की उठी मांग घटनास्थल पर पहुंचे सांसद कालीचरण सिंह ने इस हादसे को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने अत्यंत भावुक स्वर…
रांंची/मुंबई: बॉलीवुड में जहां एक तरफ बड़े बजट की फिल्में और सुपरस्टार्स का शोर है, वहीं दूसरी तरफ अभिनेत्रियों के करियर ग्राफ को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है। 2026 के शुरुआती महीनों के आंकड़े और बदलते समीकरण बताते हैं कि हिंदी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेसेस के लिए राह अब उतनी आसान नहीं रही। एक समय था जब श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित और बाद में दीपिका-आलिया के नाम पर फिल्में हाउसफुल हो जाया करती थीं। लेकिन 2025-26 के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। हाल के महीनों में रिलीज हुई कई महिला-प्रधान (Female-led) फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपनी…
रांंची/मुंबई: बॉलीवुड के ‘एनर्जी किंग’ रणवीर सिंह इस समय अपनी आने वाली फिल्मों से ज्यादा कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में हैं। ‘कंतारा’ फिल्म की मिमिक्री और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज FIR को लेकर उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया है। आज यानी 24 फरवरी को इस मामले में अहम सुनवाई होनी है। रणवीर की दलील है कि उनका उद्देश्य केवल एक कलाकार के रूप में श्रद्धा प्रकट करना था, न कि किसी की आस्था का अपमान। दूसरी ओर, मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ₹9…
रांची: झारखंड की राजधानी रांची, जिसे ‘पूरब का मैनचेस्टर’ और ‘जलप्रपातों का शहर’ या ‘झरनों का शहर’ भी कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत जलवायु के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ‘रांची’ शब्द आखिर आया कहाँ से? इसके पीछे लोककथाओं, भाषाई विकास और औपनिवेशिक इतिहास का एक गहरा संगम है। इसके नाम के पीछे की कहानियाँ किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। ‘रिछी’ पक्षी और मुंडा लोककथा रांची के नामकरण की सबसे प्रचलित कहानियों में से एक ‘रिछी’ पक्षी से जुड़ी है। स्थानीय मुंडा आदिवासियों की परंपरा के अनुसार, इस क्षेत्र…
रांची: निश्चित रूप से, पैगंबर मुहम्मद (स.) ने मदीना में केवल एक सामाजिक और राजनीतिक ढांचा ही नहीं तैयार किया, बल्कि एक ऐसी आर्थिक क्रांति की नींव रखी जिसने कबीलाई लूटपाट वाली अर्थव्यवस्था को एक कल्याणकारी और न्यायपूर्ण ‘मार्केट इकोनॉमी’ में बदल दिया। मदीना पहुँचने के बाद, पैगंबर साहब ने देखा कि वहां की अर्थव्यवस्था पर कुछ खास वर्गों का एकाधिकार था और ब्याज (सूद) के कारण आम आदमी कर्ज के जाल में फंसा था। उन्होंने इसे बदलने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए: ‘जकात’ और ‘सदका’ : धन का पुनर्वितरण इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक, जकात, को एक अनिवार्य…
रांची: इतिहास के पन्ने गवाह हैं कि जब भी मानवता पर संकट आया है, किसी महापुरुष ने आकर समाज को नई दिशा दी है। पैगंबर मुहम्मद (स.) का जीवन भी एक ऐसी ही महान यात्रा है। शुरुआत में, जब गार-ए-हेरा (हेरा नामक गुफा) में उन्हें ईश्वरीय ज्ञान (नुबुव्वत) का आभास हुआ, तो वे स्वयं भी उस असीम ऊर्जा और जिम्मेदारी से अचंभित थे। लेकिन जैसे-जैसे हजरत जिब्रील (अ.) के माध्यम से खुदा का संदेश उन तक पहुँचने लगा, उनका संकल्प फौलादी होता गया। मक्का में इस्लाम का प्रचार करना कोई आसान काम नहीं था। जैसे-जैसे लोग खुदा के संदेश से…
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन राज्य की भावी दिशा और दशा तय करने वाला रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणाओं से लेकर वित्त मंत्री द्वारा पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तक, सदन में विकास और जन सरोकार की गूंज सुनाई दी। हाथियों के हमले पर नई नीति: अब 10 दिन में मिलेगा मुआवजा विधानसभा में हाथियों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाली जनहानि का मुद्दा छाया रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संकेत दिया कि सरकार वन्यजीवों के हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे की राशि में भारी बढ़ोतरी करने जा…
रांची: झारखंड के प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विधानसभा के बजट सत्र से एक बेहद सुखद खबर निकलकर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नियुक्तियों में उम्र सीमा की ‘कट-ऑफ डेट’ को लेकर बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है, जो समय पर परीक्षा न होने के कारण आयु सीमा से बाहर हो रहे थे। अब 2026 नहीं, 2022 होगा आधार मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जेपीएससी की आगामी 14वीं संयुक्त सिविल सेवा…
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन काफी गहमागहमी भरा रहा। शनिवार सुबह 11:06 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, डुमरी के चर्चित विधायक जयराम महतो ने सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा उठाकर सबको चौंका दिया। स्थापना समिति में जनप्रतिनिधियों की एंट्री पर तकरार जयराम महतो ने सदन में पुरजोर मांग उठाई कि विभागों की स्थापना समिति (Establishment Committee) में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि अधिकारियों के साथ जब विधायक बैठेंगे, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने पड़ोसी राज्यों का उदाहरण…
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 का काउंटडाउन खत्म होने को है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए रांची जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रांची नगर निगम के 53 वार्डों और बुंडू नगर पंचायत में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 22 फरवरी को मोरहाबादी फुटबॉल स्टेडियम स्थित डिस्पैच सेंटर से पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जाएगा। आधी रात को एक्शन में दिखे उपायुक्त तैयारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार देर रात खुद मोरहाबादी फुटबॉल स्टेडियम का…
रांची: झारखंड की राजधानी में 23 फरवरी 2026 को होने वाले नगर निकाय चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मतदान के दिन पोलिंग बूथों पर होने वाली आपाधापी और ‘नाम न मिलने’ जैसी समस्याओं से बचने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद आसान डिजिटल समाधान पेश किया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त के निर्देशानुसार, अब मतदाता घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए मतदाता सूची में अपना नाम और बूथ की सटीक लोकेशन देख सकते हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध है हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रशासन ने रांची नगर निगम के सभी 53 वार्डों और बुंडू नगर…
रांची: चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। 23 फरवरी 2026 को होने वाले रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने शनिवार को संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतदाताओं की सुविधाओं तक पर विस्तृत चर्चा की गई। महिलाएं संभालेंगी चुनावी कमान इस बार के चुनाव में महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी झलक देखने को मिलेगी। मोरहाबादी स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी में 7 विशेष मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनका संचालन पूर्ण रूप से…
रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में ‘नगर सरकार’ चुनने की घड़ी नजदीक आ गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में हो रहे चुनाव के लिए चल रहा धुआंधार प्रचार शनिवार शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से थम जाएगा। इसके बाद लाउडस्पीकर, रैलियां और सभाएं पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगी। प्रचार का शोर थमते ही अगले 36 घंटों तक प्रत्याशी केवल ‘साइंट संपर्क’ यानी घर-घर जाकर मतदाताओं से व्यक्तिगत अपील कर सकेंगे। 23 फरवरी को मतदान, 27 को नतीजे राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान 23 फरवरी (सोमवार) को सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा।…
रांची: झारखंड की बहुचर्चित प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) 2023 के कथित पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। झारखंड उच्च न्यायालय ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, संतोष मस्ताना को नियमित जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की अदालत में हुई इस सुनवाई ने परीक्षा की शुचिता और पुलिसिया दावों पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला सितंबर 2024 में आयोजित हुई CGL परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस ने संतोष मस्ताना को गिरफ्तार किया था। पुलिस की थ्योरी थी कि…
