Health Adda: शराब के साथ किसी भी प्रकार की दवा का एक साथ सेवन करना मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसका सबसे प्रतिकूल प्रभाव शरीर के मुख्य अंग लिवर पर पड़ता है, जहां दवाओं और शराब दोनों की प्रोसेसिंग एक साथ होने से अंग पर अतिरिक्त दबाव बनता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी दवा को शराब के साथ लेना कितना असुरक्षित है, यह दवा की प्रकृति, खुराक और मरीज की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।
लिवर पर दोहरा दबाव और दवाओं की विषाक्तता
लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों का कहना है कि शराब का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है और ज्यादातर दवाओं को भी लिवर ही प्रोसेस करता है। जब दोनों एक साथ शरीर में पहुंचते हैं, तो दवा का सामान्य प्रभाव पूरी तरह बदल जाता है। कई मामलों में दवा का प्रभाव अनियंत्रित रूप से बढ़ जाता है या खून में दवा का स्तर बढ़ने से गंभीर टॉक्सिसिटी (विषाक्तता) का खतरा पैदा हो जाता है। इससे व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक उनींदापन, मतली, उल्टी और आंतरिक अंगों की गंभीर क्षति का सामना करना पड़ सकता है।
पैरासिटामोल और पेनकिलर्स के साथ जानलेवा कॉम्बिनेशन
बुखार और बदन दर्द में सामान्यतः ली जाने वाली पैरासिटामोल को शराब के साथ लेना लिवर के लिए गंभीर आफत बन सकता है। खासकर ज्यादा मात्रा में या बार-बार शराब के साथ पैरासिटामोल लेने से लिवर डैमेज का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, ऑक्सीकोडोन जैसी शक्तिशाली दर्द निवारक दवाओं (पेनकिलर्स) के साथ शराब का मिश्रण अत्यधिक नींद, सुस्ती और सांस की गति को धीमा कर कोमा जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।
बीपी, शुगर के मरीज रहें सतर्क
ब्लड प्रेशर और मधुमेह की नियमित दवा लेने वाले मरीजों को शराब से सख्त परहेज करना चाहिए। शराब की वजह से कई बार रक्तचाप अचानक बहुत नीचे गिर जाता है, जिससे बेहोशी या कमजोरी आ सकती है। वहीं शुगर की दवाओं के साथ शराब लेने से रक्त में शर्करा का स्तर खतरनाक रूप से कम (हाइपोग्लाइसीमिया) हो सकता है। बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति प्राणघातक हो सकती है। इसलिए नियमित दवा लेने वाले लोग डॉक्टर के परामर्श के बिना कभी भी शराब का सेवन न करें।




