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रामगढ़ आर्मी कैंप में कार्रवाई, नशे की खेप के साथ फौजी बलविंदर सिंह गिरफ्तार

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों में नशीले पदार्थों की रोकथाम और तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही कड़े निगरानी अभियान के बीच पुलिस को एक नई सफलता हाथ लगी है। रामगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेना के एक जवान को

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रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों में नशीले पदार्थों की रोकथाम और तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही कड़े निगरानी अभियान के बीच पुलिस को एक नई सफलता हाथ लगी है। रामगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेना के एक जवान को ड्रग्स (नशीले पदार्थ) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए जवान की पहचान बलविंदर सिंह के रूप में की गई है, जो रामगढ़ आर्मी कैंप में तैनात था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी जवान को अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।

रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी जवान बलविंदर सिंह हाल ही में पंजाब से अपनी छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटा था। पुलिस को गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी कि छुट्टी से लौट रहे उक्त जवान के पास भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सैन्य क्षेत्र के पास जाल बिछाया और जवान को हिरासत में ले लिया। जब उसकी विधिवत तलाशी ली गई, तो उसके पास से ड्रग्स की खेप बरामद हुई।

सैन्य केंद्रों में अलर्ट पर थी पुलिस

थाना प्रभारी के मुताबिक, रामगढ़ आर्मी कैंप के अंतर्गत आने वाले पंजाब रेजिमेंटल सेंटर (PRC) और सिख रेजिमेंटल सेंटर (SRC) सहित विभिन्न संवेदनशील सैन्य इकाइयों में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और उसकी संभावित तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और सैन्य प्रशासन लगातार सतर्क रहता है। समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाती है और इसी अभियान के तहत इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी जांच एजेंसियां

थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे के लिखित बयान के आधार पर रामगढ़ थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि बरामद किया गया ड्रग्स सिर्फ जवान के व्यक्तिगत उपभोग के लिए था या फिर वह इसे सैन्य कैंप के भीतर किसी अन्य को सप्लाई करने वाला था। इसके अलावा पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि यह नशीला पदार्थ पंजाब से झारखंड के रामगढ़ तक सुरक्षा घेरों को पार करते हुए कैसे पहुंचा। पुलिस इस मामले में अन्य स्थानीय पैडलर्स और अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसके लिए आवश्यकतानुसार केंद्रीय और सैन्य खुफिया एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।

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