Washington: अमेरिका के मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद अब अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या ट्रंप प्रशासन के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हो सकती है। हालांकि, केवल प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने भर से राष्ट्रपति को पद से हटाना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए अमेरिकी संविधान के अनुसार सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
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ट्रंप की चेतावनी और संवैधानिक प्रक्रिया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव से पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों को चेताया था कि यदि पार्टी मिडटर्म चुनाव नहीं जीतती है, तो डेमोक्रेट्स उन्हें हटाने के लिए महाभियोग का रास्ता अपना सकते हैं। ताजा चुनाव परिणामों में डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा की 435 सीटों में से बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि इससे पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास मामूली बढ़त थी।
अमेरिकी संविधान के प्रावधानों के तहत किसी भी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा में साधारण बहुमत से पारित किया जा सकता है। इसके बाद मामला सीनेट में सुनवाई के लिए जाता है। राष्ट्रपति को दोषी ठहराकर पद से हटाने के लिए सीनेट में मौजूद सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) मतों की अनिवार्य रूप से जरूरत होती है। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स के लिए केवल प्रतिनिधि सभा में बहुमत होना पर्याप्त नहीं है।
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ट्रंप का पिछला महाभियोग इतिहास
यह पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा हो। अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी वह दो बार महाभियोग का सामना कर चुके हैं:
दिसंबर 2019: उन पर सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस की जांच में बाधा डालने के आरोप लगे थे, लेकिन फरवरी 2020 में सीनेट ने उन्हें बरी कर दिया था।
जनवरी 2021: कैपिटल हिल की हिंसा के बाद उन पर विद्रोह के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए दूसरी बार महाभियोग चलाया गया था। उस समय सीनेट में 57 सदस्यों ने उन्हें दोषी ठहराने के पक्ष में मतदान किया था, जो कि दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से कम था।
डेमोक्रेट्स की अगली रणनीति और प्राथमिकताएं
फिलहाल डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने ट्रंप के खिलाफ तीसरी बार महाभियोग चलाने की किसी योजना की तत्काल पुष्टि नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी का प्राथमिक ध्यान फिलहाल महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर रहेगा। हालांकि, प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने के कारण डेमोक्रेट्स को अब प्रशासन के कामकाज की व्यापक जांच करने, समन जारी करने और अधिकारियों से जवाब तलब करने के असीमित अधिकार जरूर मिल गए हैं। चुनावी नतीजों ने ट्रंप प्रशासन की राजनीतिक और संसदीय मुश्किलें निश्चित रूप से बढ़ा दी हैं, लेकिन महाभियोग के जरिए उन्हें हटाना अभी भी एक कठिन और लंबी प्रक्रिया है।







