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बिहार में राशन की गड़बड़ी पर मंत्री सख्त, शिकायतों के लिए बनेगा फ्लाइंग स्क्वॉड

Patna: जन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने राशन कार्ड, ई-केवाईसी, स्मार्ट पीडीएस और धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की है। सोमवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की

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Patna: जन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने राशन कार्ड, ई-केवाईसी, स्मार्ट पीडीएस और धान अधिप्राप्ति की समीक्षा की है। सोमवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय में राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि राज्य में नए राशन कार्ड के लिए 13,93,704 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7,40,925 राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। बैठक में शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था विकसित करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने पर जोर दिया गया।

बिहार में 8.45 करोड़ लाभुकों को मिल रहा खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार में लगभग 2.09 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से 8.45 करोड़ लाभुक योजना के दायरे में हैं। इनमें से 6.54 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। विभाग के अनुसार, ई-केवाईसी की प्रगति लगभग 80.07 प्रतिशत है।

राज्य में 1.85 करोड़ राशन कार्डों पर खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत बिहार के 3.65 लाख राशन कार्डधारियों ने दूसरे राज्यों में खाद्यान्न प्राप्त किया। शिकायत निवारण के संबंध में बताया गया कि विभाग को कुल 4,069 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें से 3,383 शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है, जो लगभग 83.14 प्रतिशत है। बैठक में शेष शिकायतों के त्वरित निपटारे और खाद्यान्न वितरण की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया।

राशन वितरण की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए बनेगा फ्लाइंग स्क्वॉड

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य तकनीक के प्रभावी उपयोग से जन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना है। उन्होंने शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निवारण विभाग की प्राथमिकता बताया।

शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और शिकायतों के निष्पादन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों के लिए नई अनुज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाइसेंस से जुड़े लंबित मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए और पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं हो।

राशन दुकानों की 4,910 रिक्तियों के विरुद्ध जारी हुए विज्ञापन

बैठक में जन वितरण प्रणाली की दुकानों के लिए अनुज्ञप्ति जारी करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में दुकानों की 4,910 रिक्तियों के विरुद्ध सभी पदों को विज्ञापित किया जा चुका है। इनके लिए 50,031 आवेदन प्राप्त हुए हैं और अब तक 1,237 नई अनुज्ञप्तियां जारी की गई हैं। मंत्री ने शेष मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने और पात्र आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुज्ञप्ति जारी करने का निर्देश दिया।

नए राशन कार्ड के लिए विशेष अभियान

राशन कार्ड निर्माण और विलोपन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नए राशन कार्ड के लिए 13,93,704 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 7,40,925 राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त राशन कार्डों में 14,61,286 नए सदस्यों को जोड़ा गया है। पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पंचायत विकास शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। इसके बाद आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि, ई-केवाईसी, सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक आवेदनों का सत्यापन करते हैं। अनुमंडल पदाधिकारी की स्वीकृति के बाद स्मार्ट पीडीएस के राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली यानी RCMS पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। विभाग की ओर से संदिग्ध राशन कार्डों का भी सत्यापन किया जा रहा है। इसमें एक से अधिक स्थानों पर दर्ज लाभुकों, आधार संबंधी विवरण, लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभुकों और निर्धारित पात्रता मानकों से जुड़े अभिलेखों की जांच शामिल है।

स्मार्ट पीडीएस से राशन कार्ड और वितरण व्यवस्था होगी डिजिटल

बैठक में स्मार्ट पीडीएस (SMART-PDS) के कार्यान्वयन की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS), इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS), सप्लाई चेन मैनेजमेंट (SCM) और फेयर प्राइस शॉप मैनेजमेंट सिस्टम (FPSMS) मॉड्यूल लागू किए गए हैं। 11 जुलाई 2026 से RCMS मॉड्यूल के माध्यम से राशन कार्डों का निर्माण, संशोधन, सदस्यों को जोड़ने और हटाने का काम किया जा रहा है। वहीं, 26 सितंबर 2026 से ePoS, SCM और FPSMS मॉड्यूल के माध्यम से खाद्यान्न वितरण, आवंटन, परिवहन और जन वितरण प्रणाली की दुकानों के प्रबंधन से जुड़े कार्य संचालित हो रहे हैं।

ePoS के माध्यम से बायोमेट्रिक और आइरिस प्रमाणीकरण के आधार पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की गई है। नए राशन कार्ड जारी करने से पहले लाभुकों का ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। राशन कार्ड के आंकड़ों को आयुष्मान भारत (PM-JAY) सहित अन्य संबंधित प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन

बैठक में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान अधिप्राप्ति की तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्य में इस मौसम के दौरान 35 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

कोसी, पूर्णिया, तिरहुत, दरभंगा और सारण प्रमंडलों के सभी जिलों में धान खरीद 1 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है। राज्य के शेष जिलों में खरीद 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी। कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की प्राप्ति की अवधि 1 नवंबर 2026 से 31 अगस्त 2027 तक निर्धारित की गई है।

पिछले खरीफ सीजन में लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत धान खरीदा गया

बैठक में पिछले खरीफ विपणन मौसम 2025-26 की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 36.79 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। यह निर्धारित लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत है।

इस दौरान 5,40,469 किसानों को लाभ मिला और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 8,807.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

रबी विपणन मौसम 2026-27 में गेहूं अधिप्राप्ति के लिए 1.30 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 25,159.446 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इससे 6,095 किसानों को लाभ मिला और उन्हें एमएसपी के रूप में 67.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

बैठक में चावल मिलों के निबंधन एवं अनुमोदन, सीएमआर की प्राप्ति और भंडारण व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर धान की खरीद और चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, सांसद सुनील कुमार, विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह, वीरेन्द्र नारायण यादव और रविन्द्र प्रसाद सिंह तथा विधायक मुरारी प्रसाद गौतम उपस्थित रहे।

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निदेशक उपभोक्ता संरक्षण बिभूति रंजन चौधरी, विशेष सचिव उपेन्द्र कुमार और बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के अपर सचिव-सह-प्रबंध निदेशक अभय झा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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