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कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया आधुनिक शीतगृह का उद्घाटन, किसानों को बांटे वाहन

रांची के मांडर प्रखंड के बुढ़ाखुखरा में किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने के लिए नई सुविधा मिल गई है। सोमवार को कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक शीतगृह का उद्घाटन किया। करीब 15.01 करोड़ रुपये की लागत से

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रांची : रांची के मांडर प्रखंड के बुढ़ाखुखरा में किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने के लिए नई सुविधा मिल गई है। सोमवार को कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक शीतगृह का उद्घाटन किया। करीब 15.01 करोड़ रुपये की लागत से बने इस शीतगृह में किसान अपनी उपज का भंडारण कर सकेंगे। इसके साथ ही 100 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की भी शुरुआत की गई।

कार्यक्रम में किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को एक करोड़ चार लाख 50 हजार रुपये की परिसंपत्तियां भी दी गईं।

फलों और सब्जियों को सुरक्षित रखने की मिलेगी सुविधा

बुढ़ाखुखरा में दो एकड़ जमीन पर बने शीतगृह में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 5000 मीट्रिक टन है।

फलों और हरी सब्जियों के लिए 125-125 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो अलग-अलग चैंबर बनाए गए हैं। शीतगृह के संचालन के लिए 100 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है।

इस शीतगृह का संचालन बेंगलुरु की रेडवुड होल्डिंग्स एंड रियल्टी सर्विसेज एलएलपी करेगी। इससे किसानों को फसल खराब होने से बचाने और सही समय पर बाजार में बेचने में मदद मिलेगी।

लंबे समय से अधूरी थी शीतगृह परियोजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन कई कारणों से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद उन्होंने परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रयास शुरू किए। इसके बाद वर्ष 2024 में कृषि मंत्री बनने पर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर काम आगे बढ़ाया गया।

मंत्री ने कहा कि परियोजना को आधुनिक बनाने के लिए करीब छह करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ी। सरकार के सहयोग से इस काम को पूरा किया गया।

किसानों को मिले नौ पिकअप वाहन और दो मिनी ट्रक

इस अवसर पर सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को नौ पिकअप वाहन, दो मिनी ट्रक और दो मोबाइल वेंडिंग कार्ट दिए गए। इनकी कुल कीमत एक करोड़ चार लाख 50 हजार रुपये है।

इन वाहनों से किसानों को अपनी उपज मंडियों और बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। साथ ही उन्हें बिचौलियों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

कार्यक्रम में झारक्राफ्ट, पशुपालन और भूमि संरक्षण विभाग से जुड़ी योजनाओं के तहत भी परिसंपत्तियां बांटी गईं।

टांगरबसली बाजार शेड का भी उद्घाटन

शीतगृह के साथ मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने टांगरबसली बाजार शेड का भी उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में पशुपालन निदेशक रोबिन टोप्पो, मत्स्य निदेशक अमरेन्द्र कुमार, वेजफेड के एमडी अभिनव मिश्रा, भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार, गव्य निदेशक डॉ. संजीव कुमार समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

मंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत का सही मूल्य मिलना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को फसल रखने, परिवहन और बिक्री की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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