Islamabad: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए हथियारबंद विद्रोहियों ने एक बड़ी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। मस्तुंग जिले के गोरगीना इलाके में बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने एक यात्री वैन को जबरन रोककर उसमें सवार 20 पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया। अगवा किए गए सभी जवान कलात रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर से छुट्टी मिलने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इस सामूहिक अपहरण के बाद पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
मस्तुंग में यात्री वैन रोककर वारदात, इलाके में सर्च ऑपरेशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारी हथियारों से लैस विद्रोहियों ने रास्ते में नाकाबंदी कर पुलिसकर्मियों के वाहन को अपने कब्जे में लिया और जवानों को अज्ञात स्थान की ओर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पूरे जिले की घेराबंदी कर दी है। मस्तुंग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त चेकपोस्ट बनाकर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान एक अन्य घटना में हथियारबंद अलगाववादियों ने तुरबत के नजदीक सामान से लदे कई ट्रकों में आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
जबरन गायब करने और हिरासत में मौतों के बीच भड़की हिंसा
बलूचिस्तान में यह दुस्साहसिक अपहरण ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में स्थानीय लोगों को जबरन गायब करने और सुरक्षा बलों की हिरासत में मौतों को लेकर गंभीर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सेना पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में पसनी स्थित सरकारी हाई स्कूल के शिक्षक परवेज को कथित रूप से सुरक्षा बलों द्वारा ले जाए जाने के अगले दिन उनका शव मिला था। इससे पहले पंजगुर के शिक्षक हथिम बलूच का शव भी कई हफ्तों बाद बरामद हुआ था, जिसे लेकर स्थानीय बलूच संगठनों में पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ भारी आक्रोश है।





