Patna: अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की राज्य कोचिंग योजना का दायरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 3,610 छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग कार्यक्रम संचालित किए गए, जिनमें से 1,043 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 693 छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग कार्यक्रमों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
एक साल में लगभग दोगुना हुआ योजना का दायरा
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 1,230 छात्र-छात्राओं को कोचिंग का अवसर मिला था, जिनमें से 545 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोचिंग कार्यक्रम का दायरा बढ़कर 2,380 छात्र-छात्राओं तक पहुंच गया। इस प्रकार एक वर्ष के भीतर ही लाभान्वित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में 1,150 की वृद्धि दर्ज की गई और योजना का दायरा लगभग 1.9 गुना हो गया। हालांकि, इस अवधि में सफल अभ्यर्थियों की संख्या 498 रही।
बीपीएससी और चालक सिपाही परीक्षा पर विशेष फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत 693 अभ्यर्थियों के कोचिंग कार्यक्रमों में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की चालक सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मोटरयान दक्षता प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था भी इस योजना के तहत की जा रही है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में युवाओं को बेहतरीन तैयारी का अवसर मिल सके।
छह अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को मिलता है लाभ
इस राज्य कोचिंग योजना के तहत देश के प्रमुख छह अल्पसंख्यक समुदायों- मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी के युवाओं को लाभान्वित किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे व्यवस्थित रूप से तैयार होकर सरकारी सेवाओं और रोजगार के अन्य क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहुंच बना सकें।





