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कम बजट में घूमना है राजस्थान? बूंदी में 3 दिन में देखें इतिहास और खूबसूरती

राजस्थानी स्थापत्य और संस्कृति का अनूठा शहर: हवेलियों, बावड़ियों और जलप्रपातों की नगरी 'बूंदी'

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Tourism Adda: राजस्थान के पारंपरिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की भीड़भाड़ से दूर, बूंदी एक ऐसा शहर है जो अपनी ऐतिहासिक विरासत, शांत वातावरण और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। नीली दीवारों वाले पारंपरिक मकान, पुरानी हवेलियां, भव्य महल और पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी से सजी बावड़ियां इस शहर की समृद्धि का अहसास कराती हैं। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा बूंदी शहर अक्टूबर के सुहावने मौसम में घूमने के लिए एक आदर्श विकल्प है। कम बजट में तीन दिनों की एक शानदार यात्रा के जरिए इस ऐतिहासिक शहर को पूरी तरह देखा जा सकता है।

तीन दिवसीय यात्रा की रूपरेखा (Itinerary)

– पहला दिन (पुराना शहर और तारागढ़ किला): यात्रा की शुरुआत पुराने शहर और नवल सागर झील के आसपास ठहरने के साथ की जा सकती है। यहां कई पुरानी हवेलियों को हेरिटेज होमस्टे में बदला गया है, जहां राजस्थानी वास्तुकला का अनुभव किया जा सकता है। इसके बाद अरावली की पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक तारागढ़ किले और गढ़ महल की सैर करें। गढ़ महल की चित्रशाला अपने बेहतरीन भित्तिचित्रों और प्राकृतिक रंगों से बनी कलाकृतियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। शाम के वक्त नवल सागर झील के किनारे बैठकर डूबते सूरज और पानी में दिखती महल की परछाई का अद्भुत आनंद लें।

– दूसरा दिन (ऐतिहासिक बावड़ियां और छतरियां): दूसरे दिन बूंदी की प्रसिद्ध बावड़ियों और धरोहरों को देखें। यहां की ‘रानी जी की बावड़ी’ अपनी गहराई तक जाती सीढ़ियों और शानदार शिल्पकला के लिए मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा धाभाई कुंड, चौरासी खंभों की छतरी और जैत सागर झील की सैर करें। शाम को स्थानीय बाजारों में घूमकर पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों और लजीज स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठा सकते हैं।

– तीसरे दिन (प्राकृतिक झरने और शैल चित्रकला): बूंदी शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित भीमलत महादेव जलप्रपात और गरड़दा की प्राचीन शैल चित्रकला को देखना न भूलें। अक्टूबर के महीने में यहां की हरियाली और झरने का प्राकृतिक दृश्य देखते ही बनता है। इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिए ये शैल चित्र विशेष महत्व रखते हैं।

यात्रा का अनुमानित खर्च और परिवहन

बूंदी की यात्रा बेहद किफायती और कम बजट में की जा सकती है:

– रहने की व्यवस्था: यहां लगभग 600 से 1,000 रुपये प्रतिदिन में ठहरने के बेहतरीन विकल्प मिल जाते हैं।

– स्थानीय भ्रमण: शहर घूमने के लिए लगभग 400 रुपये प्रतिदिन में स्कूटी किराये पर ली जा सकती है।

– खान-पान: भोजन पर प्रतिदिन लगभग 400 से 500 रुपये तक खर्च हो सकते हैं।

कैसे पहुंचें? बूंदी रेलवे स्टेशन के अलावा कोटा जंक्शन से भी सड़क मार्ग के जरिए आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। हवाई मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए जयपुर का सांगानेर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे प्रमुख और नज़दीकी विकल्प है।

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