पनीर में 75% पानी, निकला स्टार्च
पटना स्थित कंबाइंड फूड एंड ड्रग लैबोरेटरी की जांच रिपोर्ट में नवादा जिले से संग्रहित पनीर का नमूना बेहद घटिया स्तर का मिला है। मानकों के अनुसार पनीर में नमी की मात्रा 60 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, लेकिन जांच में यह 74.95 प्रतिशत पाई गई। वहीं शुष्क पदार्थ में न्यूनतम 50 प्रतिशत दुग्ध वसा (Milk Fat) होना अनिवार्य है, जो इस सैंपल में घटकर महज 8.38 प्रतिशत रह गई थी। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि पनीर को गाढ़ा और भारी बनाने के लिए इसमें अतिरिक्त स्टार्च (Added Starch) की मिलावट पाई गई।
गुड़ और धनिया पाउडर में मिलावट
मुजफ्फरपुर के बेनीपुर, पंचगछिया स्थित मेसर्स गायत्री ट्रेडर्स से उठाए गए गुड़ के नमूने को प्रयोगशाला ने स्वास्थ्य के लिए खतरनाक घोषित किया है, जिसमें स्टार्च पॉजिटिव निकला है। वहीं वैशाली के हाजीपुर स्थित मेसर्स जय माता की किराना स्टोर से जब्त धनिया पाउडर में खतरनाक अतिरिक्त रंग (Sudan-I) और स्टार्च की मिलावट पाई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मसालों में औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। दोनों मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पटना के होटलों में छापेमारी
राजधानी पटना के गांधी मैदान इलाके में खाद्य सुरक्षा टीम ने कई बड़े होटलों और रेस्टोरेंट के किचनों की तलाशी ली। इस दौरान दूध, पनीर, खोवा की गुणवत्ता के साथ वेस्ट मटेरियल स्टोर और कई बार इस्तेमाल हो चुके जले हुए खाद्य तेल के निस्तारण की जांच की गई। कारोबारियों को ऑन-द-स्पॉट फॉर्मेलिन और स्टार्च टेस्ट करने के तरीके सिखाए गए। 23 सितंबर को पूरे प्रदेश में 215 डेयरी उत्पाद, 148 मिठाई, 104 मसाला व सॉस, और 91 अनाज दुकानों का निरीक्षण कर संदिग्ध और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया।