Patna: सहरसा सदर अस्पताल में न्यूज रिपोर्टिंग के दौरान हुए विवाद और हंगामे को लेकर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन से प्राप्त रिपोर्ट और डॉक्टरों की प्रमुख संस्था बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) की मांग के बाद विभाग ने पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय जांच कमेटी जल्द ही सहरसा का दौरा कर घटनास्थल का मुआयना करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
भासा की मांग पर एक्शन
सहरसा सदर अस्पताल में मीडिया कवरेज के दौरान डॉक्टरों और रिपोर्टर के बीच कथित विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। सहरसा जिला प्रशासन द्वारा इस संदर्भ में एक विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य मुख्यालय पटना को भेजी गई थी। इसके तुरंत बाद बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच टीम गठित करने का औपचारिक अनुरोध किया था। संघ का कहना था कि अस्पताल परिसर में ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों की सुरक्षा और पूरे घटनाक्रम की सत्यता सामने आना जरूरी है।
तीन बड़े अफसरों को कमान
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य स्तरीय समिति की घोषणा की। इस समिति की कमान स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव को सौंपी गई है। उनके साथ निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव को सदस्य बनाया गया है। यह उच्चस्तरीय टीम सीधे सहरसा सदर अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन, ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित मीडियाकर्मियों के बयान दर्ज करेगी।
साक्ष्यों की जांच और सख्त निर्देश
मुख्यालय ने जांच समिति को साफ निर्देश दिया है कि वे मौके से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन समीक्षा करें। किसी भी पक्ष के दबाव में आए बिना पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा तैयार किया जाए। विभाग ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वह बिना किसी देरी के अपनी जांच रिपोर्ट शीघ्र स्वास्थ्य विभाग को सौंपे, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जा सकें।




