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गयाजी में उमड़ेगा आस्था का महासैलाब: 25 सितंबर से पितृपक्ष मेला, 50 लाख श्रद्धालुओं के स्वागत की भव्य तैयारी

मोक्षनगरी गयाजी में पितरों के उद्धार की कामना के साथ जुटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले चार वर्षों के आंकड़े गवाही देते हैं कि गयाजी आने वाले पर्यटकों की तादाद में लगभग चार गुना का जबरदस्त

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पटना/गया: मोक्षनगरी गयाजी में पितरों के उद्धार की कामना के साथ जुटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले चार वर्षों के आंकड़े गवाही देते हैं कि गयाजी आने वाले पर्यटकों की तादाद में लगभग चार गुना का जबरदस्त उछाल आया है। वर्ष 2022 में जहां 9.40 लाख पर्यटक पिंडदान के लिए पहुंचे थे, वहीं 2023 में यह संख्या 29.89 लाख और 2024 में 30.59 लाख दर्ज की गई। वर्ष 2025 में तो श्रद्धालुओं का आंकड़ा 34.79 लाख तक जा पहुंचा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी शामिल रहे।

आस्था के इस निरंतर बढ़ते प्रवाह को देखते हुए इस साल 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले के लिए पर्यटन विभाग ने अभूतपूर्व स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। इस बार करीब 50 लाख तीर्थयात्रियों के आगमन का अनुमान लगाया गया है, जिसके लिए गयाजी से लेकर पुनपुन घाट तक विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गयाजी में बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने के लिए 2,500 बेड की सर्वसुविधायुक्त टेंट सिटी और 1,000 बेड की आधुनिक धर्मशाला बनकर तैयार हो रही है, जबकि पुनपुन घाट पर एक साथ 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला विशाल पंडाल सजाया जा रहा है।

तीर्थयात्रियों की यात्रा को सहज और यादगार बनाने के लिए स्थानीय आवागमन हेतु ई-रिक्शा का व्यापक प्रबंध किया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह की जानकारी, आवास, पिंडदान स्थल या आपातकालीन सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और पर्यटक सूचना केंद्र पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। श्रद्धालुओं को धर्मस्थलों और ऐतिहासिक वेदियों का सटीक महत्व समझाने के लिए प्रशिक्षित गाइड भी तैनात किए जा रहे हैं, जिससे गयाजी पहुंचने वाले हर व्यक्ति को अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान घर जैसी सहूलियत और सुकून मिल सके।

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