पटना: बिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का असर अब साफ दिखने लगा है। राज्य में महज आठ महीनों के भीतर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की रफ्तार चार गुना बढ़ गई है। ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी में जहां पूरे राज्य में 768 सोलर पैनल लगे थे, वहीं अगस्त तक यह आंकड़ा बढ़कर 3,068 पहुंच गया। सितंबर महीने के शुरुआती 13 दिनों में ही 1,699 नए पैनल लगाए जा चुके हैं और महीने के अंत तक यह संख्या 4,000 के पार जाने की उम्मीद है।
BPL परिवारों को 100% सब्सिडी राज्य के कुटीर ज्योति (बीपीएल) कार्डधारक उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिस्कॉम (SBPDCL और NBPDCL) द्वारा 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पूरी तरह निःशुल्क लगाए जा रहे हैं। सरकार इन परिवारों को 100 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। दोनों बिजली कंपनियों का लक्ष्य इस वर्ष नवंबर के अंत तक 2.5 लाख गरीब परिवारों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करना है।
सामान्य उपभोक्ताओं को 98,000 रुपये तक की छूट ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सब्सिडी दे रही है:
1 किलोवाट: कुल 40,000 रुपये की सब्सिडी (केंद्र: ₹30,000 | राज्य: ₹10,000)
2 किलोवाट: कुल 80,000 रुपये की सब्सिडी (केंद्र: ₹60,000 | राज्य: ₹20,000)
3 किलोवाट: कुल 98,000 रुपये की सब्सिडी (केंद्र: ₹78,000 | राज्य: ₹20,000)
राज्य सरकार द्वारा दी जा रही अधिकतम 20,000 रुपये की यह अतिरिक्त सहायता 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।
कम ब्याज पर बिना गारंटी लोन सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपभोक्ताओं को वित्तीय सहूलियत भी दी जा रही है। 3 किलोवाट तक के पैनल के लिए बैंक से बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक का लोन महज 5.75% की सस्ती ब्याज दर पर मिल रहा है।
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने बताया कि इस पहल का मकसद उपभोक्ताओं को अगले 25 वर्षों तक बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण की रक्षा करना है। वहीं, ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि सरकारी सब्सिडी और सस्ते लोन की मदद से आम लोगों के लिए सोलर प्लांट लगाना अब बेहद आसान हो गया है।
योजना की अधिक जानकारी या आवेदन के लिए उपभोक्ता आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in, टोल-फ्री नंबर 15555 या अपने नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।




