New Delhi: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह में सरकारों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा ब्रिक्स मंच के माध्यम से दोस्ती, साझेदारी और सहयोग की भावना को मजबूती दी है, और अब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यह सहयोग केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहकर आम जनता तक पहुंचे।
जनभागीदारी और समावेशी विकास पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ब्रिक्स के कामकाज और गतिविधियों में उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापक जनभागीदारी से ही ब्रिक्स सहयोग को वास्तविक रूप से और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकता है।
विशेष डिनर और शी जिनपिंग की उपस्थिति
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों, विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज (डिनर) का आयोजन किया था। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस डिनर में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, जिनपिंग समिट के सत्र में हिस्सा लेने के बाद विश्राम करने के लिए होटल लौट गए थे, हालांकि उनके अनुपस्थित रहने की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। इसके अलावा, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी दिनभर की बैठकों के बाद अपने देश लौट गए थे।
सात साल बाद भारत आए थे शी जिनपिंग
गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर ही दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी। करीब सात साल बाद हुई उनकी इस भारत यात्रा को दोनों देशों के राजनयिक और द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने पीएम मोदी का संबोधन सुना और अन्य वैश्विक नेताओं के साथ ‘फैमिली फोटो’ में भी शामिल हुए, जिसके बाद वह अपने देश के लिए रवाना हो गए।




