रायपुर: बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की रहने वाली पहाड़ी कोरवा महिला बसंती ने जिला अस्पताल अंबिकापुर में एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। फिलहाल मां और तीनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
बसंती की गर्भावस्था को अति-जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया था। गर्भावस्था के दौरान वह जिला अस्पताल अंबिकापुर पहुंची थी, लेकिन बिना इलाज कराए अपने गांव लौट गई थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई।
स्वास्थ्य टीम ने समय पर पहुंचाई मदद
दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र में रहने वाली बसंती तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, मितानिन और 102 एंबुलेंस टीम ने मिलकर काम किया। महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और डॉक्टरों ने उसकी लगातार निगरानी की।
इसके बाद बसंती ने तीन बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मां और तीनों नवजात की स्थिति पर लगातार नजर रखी।
सुरक्षित प्रसव के लिए निगरानी जरूरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। ऐसी महिलाओं को जरूरत पड़ने पर तुरंत बड़े स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाना सुरक्षित प्रसव के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बसंती के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम, 102 एंबुलेंस और अस्पताल के डॉक्टरों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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