Patna: मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश भर से पहुंचे 137 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सभी नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आवेदकों की समस्याओं का समाधान पूर्व में हो चुका है, उन्हें बेवजह पटना आने की आवश्यकता नहीं है। केवल वही लोग राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आएं, जिनकी समस्याएं जटिल हैं और जिला स्तर पर हल नहीं हो पा रही हैं।
Read more: बिहार: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, खुद परोसा खाना
30 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों के निपटारे में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सहयोग कार्यक्रम के तहत आने वाले सभी मामलों को अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान होने से शासन में आम जनता का भरोसा मजबूत होता है और इस भरोसे को कायम रखना सभी की जिम्मेदारी है।
राशन कार्ड और वृद्धा पेंशन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े कई जटिल मामले सामने आए। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड के लिए पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के लाभ मिलना चाहिए। किसी भी जरूरतमंद या पात्र नागरिक को तकनीकी कारणों का हवाला देकर सरकारी योजनाओं से वंचित न किया जाए।
शीर्ष अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मौके पर कई विभागों के मंत्रीगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित रहे। वहीं, सभी जिलों के डीएम और एसएसपी/एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे जुड़े रहे। त्वरित सुनवाई और समाधान मिलने पर उपस्थित फरियादियों ने राज्य सरकार की इस पहल के प्रति आभार जताया।




