जमशेदपुर: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जमशेदपुर की डिमना झील को राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान मिली है। नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित समारोह में देश की प्रमुख झीलों के नाम पर दर्शक दीर्घाओं का नाम रखा गया। इसमें डिमना झील को भी शामिल किया गया है।
टाटा स्टील ने इसे जमशेदपुर और झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया है। भारत सरकार की इस पहल में देश की 25 प्रमुख झीलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
1944 में शुरू हुई थी जलापूर्ति
जमशेदपुर की बढ़ती जल जरूरतों को देखते हुए डिमना झील के निर्माण की योजना बनाई गई थी। इसका निर्माण फरवरी 1940 में शुरू हुआ और 1944 में पूरा हुआ। 17 अप्रैल 1944 को पहली बार डिमना झील से जमशेदपुर शहर में जलापूर्ति शुरू हुई।
करीब 7,500 मिलियन गैलन की क्षमता वाली यह झील आज भी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दलमा पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह जलाशय प्राकृतिक जलग्रहण क्षेत्र और हरियाली से घिरा हुआ है।
पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र
डिमना झील समय के साथ जमशेदपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गई है। यहां का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। नौकायन और रोइंग जैसी गतिविधियां भी यहां होती हैं।
झील के संरक्षण और संचालन में टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआईएसएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बांध की निगरानी, जल स्तर और जल संबंधी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है।
लाल किले में डिमना झील के नाम पर दर्शक दीर्घा का नामकरण जमशेदपुर की 80 साल से अधिक पुरानी जल विरासत को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान जल संरक्षण और दीर्घकालिक जल प्रबंधन के महत्व को भी सामने लाता है।




