रांची: राजधानी रांची की सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों की जान से खिलवाड़ करने वाले विज्ञापनों और होर्डिंग्स पर अब गाज गिरने वाली है। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित कड़े आदेश का पालन करते हुए रांची नगर निगम (बाजार शाखा) ने शहर की सभी विज्ञापन एजेंसियों और संचालकों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी है। निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सड़क के डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट और विद्युत पोलों पर लगे ऐसे सभी विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, बिलबोर्ड या फ्लेक्स, जो सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर हैं, उन्हें अगले 48 घंटों (2 दिनों) के भीतर खुद-ब-खुद हटा लिया जाए।
हाईकोर्ट के रुख के बाद हरकत में आया नगर निगम
झारखंड उच्च न्यायालय, रांची ने याचिका (W.P.(C) No. 2560 of 2026 एवं W.P.(C) No. 2508 of 2026) में 11 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक आदेश पारित किया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि डिवाइडर और पोल पर कम ऊंचाई में लगाए गए विज्ञापन बोर्ड यातायात में भारी बाधा उत्पन्न करते हैं। इससे वाहन चालकों को ‘ब्लाइंड स्पॉट’ (Blind Spot) की समस्या का सामना करना पड़ता है और खासकर दोपहिया वाहन चालकों व पैदल यात्रियों के लिए भीषण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
अवहेलना पर होगी ब्लैकलिस्टिंग और भारी जुर्माना
रांची नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त द्वारा 14 अगस्त 2026 को जारी इस आम सूचना में सख्त हिदायत दी गई है कि विज्ञापन एजेंसियां अपने-अपने विज्ञापनों का तत्काल खुद निरीक्षण कर लें। यदि तय समय सीमा (2 दिनों) के भीतर इन खतरनाक विज्ञापन संरचनाओं को एजेंसियों द्वारा नहीं हटाया गया, तो:
- कालीसूची (Blacklist): दोषी पाई जाने वाली विज्ञापन एजेंसियों को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
- जब्ती की कार्रवाई: नगर निगम अपने स्तर पर अभियान चलाकर सभी अवैध व कम ऊंचाई वाले होर्डिंग्स को ध्वस्त कर हटाएगा।
- लागत की वसूली: इन संरचनाओं को हटाने में जो भी प्रशासनिक खर्च या राशि व्यय होगी, उसे संबंधित विज्ञापन एजेंसी से ही वसूला जाएगा।
राहगीरों की सुरक्षा सर्वोपरि
नगर निगम की इस कार्रवाई से साफ है कि अब विज्ञापन के नाम पर शहर की सड़क सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजधानीवासियों ने भी अदालत और निगम के इस कदम का स्वागत किया है, जिससे सड़कों पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।





