New Delhi: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर से मकर द्वार तक विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर विभिन्न मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।
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विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई तथा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
बारिश के बीच भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में सुबह से हो रही बारिश के बावजूद विपक्षी सांसद छाते लेकर विरोध मार्च में शामिल हुए। विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और जवाबदेही से बच रही है, जबकि संसद जनता के प्रति जवाबदेही तय करने का सर्वोच्च मंच है।
प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने इन मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने और सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग दोहराई। विपक्ष ने संकेत दिया कि जब तक सरकार जवाब नहीं देती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
खड़गे बोले- संसद में आएं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संसद के भीतर बहस और संवाद से ही निकल सकता है। खड़गे ने आरोप लगाया कि संसद सत्र शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का सदन में उपस्थित नहीं होना संसद का अपमान है।




