नई दिल्ली: आखिरकार 83 दिनों से चल रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है और इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। 3 मई 2026 को परीक्षा होने के बाद शुरू हुआ NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर केंद्रीय मंत्री ने अपनी सफाई भी दी है। उन्होंने कहा है कि “राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” हालांकि उनके प्रतिद्वंदियों का मानना है कि जब उनका जीवन राष्ट्रसेवा के लिए ही है तो वह 83 दिनों तक किस चीज का इंतजार कर रहे थे? हजारों छात्र-छात्राओं को घायल और अस्पताल में संघर्षरत होने के पश्चात केंद्रीय मंत्री को देशसेवा याद आया? सोनम वांगचुंग का अनशन भी उनको नहीं डिगाया? बेशर्म लोग हैं ये जो युवाओं की मांग और उनके भविष्य को दरकिनार कर राजनीति करने से बाज नहीं आते।
गौरतलब हो कि 3 मई 2026 को NEET-UG की परीक्षा संपन्न हुई।7–8 मई को कथित प्रश्नपत्र के वायरल होने की शिकायतें सामने आईं। 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द की और CBI ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। 14–15 मई को CBI ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की घोषणा की। इसके बाद पुनः परीक्षा, जांच, विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का सिलसिला जारी रहा। 25 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुधारात्मक उपायों और परीक्षा सुरक्षा पर सरकार से जवाब मांगा तथा निगरानी जारी रखने की बात कही। इस बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आया है, जो आश्चर्यचकित नहीं करता हालांकि उन्होंने छात्रों के नाम एक लंबा संदेश जरूर लिखा है।
छात्रों के नाम लिखा संदेश
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की नींव होती है। देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का वह हमेशा सम्मान करते रहे हैं।
जिम्मेदारी लेने की कही बात
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य के साथ अन्याय न हो, यही उनका प्रयास रहा। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से व्यथित किया। देश की युवा शक्ति भ्रम का शिकार न हो और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी विचार के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजने का निर्णय लिया।
इस्तीफे की मुख्य वजह
छात्र आंदोलन: नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) में अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर और देशभर में छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा था।
नैतिक जिम्मेदारी: प्रदर्शनकारी छात्रों और संगठनों द्वारा लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया।
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद दिया।




