रांची: राजधानी के बड़गाईं अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की विशेष पीएमएलए अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता अंतू तिर्की सहित 14 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ आरोप (Charges) गठित कर दिए गए। अदालत ने आरोपियों की मौजूदगी में उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया, जिन्हें सभी आरोपियों ने सिरे से खारिज करते हुए अदालत से मुकदमे (ट्रायल) का सामना करने की बात कही। वहीं, मामले के शेष बचे तीन अन्य आरोपियों पर आरोप गठन के लिए कोर्ट ने 11 अगस्त की अगली तिथि मुकर्रर की है।
उल्लेखनीय है कि इस फर्जीवाड़े में राजस्व कर्मी भानु प्रताप प्रसाद, झामुमो नेता अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद जैसे कई हाई-प्रोफाइल नाम आरोपी के रूप में शामिल हैं। पीएमएलए की विशेष अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का सख्त निर्देश जारी किया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची के इस बहुचर्चित जमीन घोटाले में बड़े स्तर पर छापेमारी और गहन जांच की थी। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अभिलेखों में हेरफेर करने और अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा जमाने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद एजेंसी ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब इस मामले में गवाहियों और सुनवाई की औपचारिक शुरुआत होगी।




