रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विशेष जांच अभियान के दौरान आरपीएफ की फ्लाइंग टीम ने 12 किलोग्राम गांजे के साथ एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित अंतरराज्यीय बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
आरपीएफ पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार के अनुसार, स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान के दौरान वीआईपी गेट के पास काले और हरे रंग का बैग लिए बैठा एक युवक सुरक्षाकर्मियों को देखकर घबराने लगा। संदेह होने पर जब उससे पूछताछ की गई, तो उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (पदरौना थाना क्षेत्र) निवासी 19 वर्षीय बृजराज यादव के रूप में हुई।
बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 4 पैकेटों में भरा कुल 12 किलो गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ प्रताप सिंह नेगी भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का पर्यवेक्षण किया। एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धाराओं के तहत स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में् जब्ती की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी बृजराज ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि मेहंदी अंसारी नामक व्यक्ति ने उसे ओडिशा के संताला से गांजा उठाकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक पहुंचाने का काम सौंपा था। इसके एवज में उसे प्रति किलोग्राम 1,000 रुपये देने की बात तय हुई थी। हालांकि, रांची स्टेशन पर आरपीएफ की सघन चेकिंग देखकर मुख्य आरोपी मेहंदी अंसारी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
आरपीएफ ने सील किए गए गांजे और आरोपी बृजराज यादव को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी (GRP) रांची के हवाले कर दिया है। फरार तस्कर की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक पवन कुमार, अजीत कुमार और आरक्षक दिलीप कुमार जितरवाल सहित फ्लाइंग टीम के अन्य सदस्य शामिल थे।




