Jamshedpur. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास अब भी जारी है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले के अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित होने और प्रशासन के संज्ञान में आने के बावजूद फर्जी प्रोफाइल अब तक सक्रिय है तथा उसके जरिए लोगों को झांसा देने की कोशिश की जा रही है।

ताजा मामला झारखंड मानवाधिकार संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार किनू से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी से उनसे संपर्क किया गया। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बाद ठग ने खुद को उपायुक्त बताकर कहा कि उसका एक मित्र सुमित कुमार, जो सीआरपीएफ में अधिकारी है, उसका तबादला हो गया है और वह अपने घर का फर्नीचर तथा घरेलू सामान कम कीमत पर बेचना चाहता है।
चैट के दौरान ठग ने दिनेश कुमार किनू को सुमित कुमार से बात करने की बात कही और फर्नीचर खरीदने का प्रस्ताव दिया। जब दिनेश कुमार किनू ने कथित उपायुक्त से उनका और सुमित का मोबाइल नंबर मांगा, तो वह लगातार बातचीत को दूसरी दिशा में ले जाने का प्रयास करता रहा। बाद में उसने दावा किया कि सभी सामान अच्छी स्थिति में हैं और सस्ती कीमत पर उपलब्ध हैं। इसके बाद मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर दिनेश कुमार किनू ने उस फेसबुक आईडी को ब्लॉक कर दिया।
दिनेश कुमार किनू ने कहा कि यह गंभीर साइबर ठगी का मामला है। उन्होंने प्रशासन से फर्जी फेसबुक आईडी को तत्काल बंद कराने, इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी उपायुक्त के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए लोगों से संपर्क कर ठगी का प्रयास किए जाने की खबर सामने आ चुकी है। मामला सार्वजनिक होने और प्रशासन के संज्ञान में आने के बावजूद फर्जी प्रोफाइल का सक्रिय रहना साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अधिकारी के नाम से सोशल मीडिया पर आने वाले संदेशों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की आर्थिक लेन-देन या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।




