अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Kolkata: पश्चिम बंगाल की सत्ता हाथ से निकलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर छिड़ी अंदरूनी जंग अब एक बड़े ऐतिहासिक राजनीतिक संकट में तब्दील हो चुकी है। पार्टी के बागी विधायकों के बड़े खेमे ने एकजुट होकर ऋतब्रत बनर्जी को अपना नया नेता चुन लिया है। इस बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को उस समय बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ बोस ने पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बंदोपाध्याय के नेतृत्व वाले 58 विधायकों के इस बड़े गुट को सदन में ‘मुख्य विपक्षी दल’ के रूप में आधिकारिक मान्यता दे दी। इस पूरे घटनाक्रम और तख्तापलट की कोशिश पर अब फायरब्रांड टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का बेहद आक्रामक बयान सामने आया है, जिन्होंने बागी विधायकों की नीयत पर कड़ा प्रहार किया है।
“सालों तक दीदी के नाम पर मलाई खाई, आज पीठ में छुरा घोंपा”
सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट के नेताओं और ऋतब्रत बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं ने सालों तक सिर्फ ममता बनर्जी के नाम और चेहरे पर मलाई खाई, वही आज मुश्किल वक्त में पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रहे हैं। महुआ ने साफ शब्दों में कहा कि इन स्वार्थी नेताओं को सिर्फ और सिर्फ सत्ता के सुख में रहने की गंदी आदत हो चुकी है। यही वजह है कि ये लोग जनता के बीच विपक्ष में रहकर संघर्ष करने के बजाय अपने लिए एक सुरक्षित रास्ता (सेफ रूट) तलाश रहे हैं।
बागी विधायकों को खरी-खोटी सुनाते हुए उन्होंने आगे कहा, “ये लोग जमीन पर किसी काम के नहीं हैं और पार्टी में रहकर सिर्फ ममता दीदी के राजनीतिक करिश्मे के भरोसे ही आज तक आगे बढ़ते रहे।” उन्होंने बागियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, “जाना है तो आज ही जाइए। ऋतब्रत कांग्रेस में शामिल हो जाइए या जो मन आए वो करिए, लेकिन खुद को तृणमूल कांग्रेस कहने का नैतिक अधिकार आपको बिल्कुल नहीं है।”
शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों पर लगाया बड़ा आरोप
इस हाई-प्रोफाइल सियासी ड्रामे के दौरान महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर टीएमसी को सोची-समझी साजिश के तहत तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे अतीत में खुद तृणमूल के सिपाही हुआ करते थे, इसलिए उन्हें पार्टी के हर एक विधायक की नस-नस और उनकी कमजोरियां अच्छी तरह पता हैं, भाजपा आज इसी का फायदा उठा रही है।
मोइत्रा ने सनसनीखेज दावा किया कि सबीना यास्मिन और जावेद खान जैसे वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों और जेल भेजने की धमकियां देकर डराया-धमकाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सबीना यास्मिन को मोताबारी हिंसा के पुराने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा पकड़े जाने का खौफ दिखाया गया, जबकि जावेद खान को उनके इलाके में हुए अवैध निर्माण के मामले में उनके बेटे सहित गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन डरे हुए नेताओं में 15 साल तक सत्ता की मलाई खाने के बाद अब विपक्ष की कड़वी बेंचों पर बैठने की बिल्कुल हिम्मत नहीं बची है।
“ममता दीदी कागज-पेन उठाकर फिर नया सिंबल बना लेंगी”
पार्टी के भीतर मचे इस अभूतपूर्व घमासान के बावजूद महुआ मोइत्रा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि तृणमूल कांग्रेस इतनी आसानी से बिखरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी और उनका वफादार कोर ग्रुप ही असल में असली पार्टी है और वे सभी कार्यकर्ता मिलकर नए सिरे से शून्य से शुरुआत करेंगे।
Read more: ई-रिक्शा पर सवार होकर वोट देने पहुंचीं महुआ मोइत्रा, बोलीं— ‘यह लोकतंत्र बचाने की जंग’
चुनाव आयोग द्वारा बागी गुट को मान्यता दिए जाने और भविष्य में पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिन्ह (सिंबल) छिनने के कानूनी खतरे पर मोइत्रा ने बेहद दृढ़ता से कहा, “जब ममता बनर्जी ने पूर्व में कांग्रेस छोड़ी थी, तब उनके पास कुछ नहीं था। उन्होंने सिर्फ एक पेन और कागज उठाकर खुद ‘जोड़ा फूल’ का यह सिंबल अपने हाथों से बनाया था और ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। जो महिला खुद अपना सिंबल बनाकर चुनाव लड़ सकती है और तीन बार राज्य की मुख्यमंत्री बन सकती है, वह दोबारा जनता के बीच लड़कर नया सिंबल भी बना लेगी।” उन्होंने विरोधियों को ललकारते हुए कहा कि उन्हें किसी सिंबल की परवाह नहीं है, बागी कोई भी तस्वीर या दफ्तर छीन लें, लेकिन वे बंगाल की जनता के दिलों से असली तृणमूल कांग्रेस को कभी नहीं मिटा पाएंगे।
