रांची। झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश प्रवक्ता आबिद अली ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और अभिभावकों के अनवरत संघर्ष की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक, भ्रष्टाचार व गंभीर अनियमितताओं ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की साख को गहरा धक्का पहुँचाया था।
आबिद अली के अनुसार, शिक्षा मंत्री को बहुत पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और झारखंड राजद प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी ने युवाओं के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक प्रमुखता से उठाया। यह इस्तीफा छात्र-युवाओं के आंदोलन, व्यापक जनदबाव और विपक्ष की एकजुट आवाज़ की सफलता है।
राजद प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही काफी नहीं है। केंद्र सरकार को इस पूरे परीक्षा तंत्र में सक्रिय माफियाओं, भ्रष्ट अफसरों और उनके राजनीतिक संरक्षकों की पहचान कर सख्त सजा देनी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन कर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने दोहराया कि राजद छात्रों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई मजबूती से जारी रखेगी।



