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London, (UK): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारे स्मार्टफोन से लेकर रसोई तक पहुंच चुका है, लेकिन क्या यही तकनीक एक दिन हमारी आजीविका ही छीन लेगी? जाने-माने एआई रिसर्चर और लुइसविले यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रोमन याम्पोल्स्की की ताजा चेतावनी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। डॉ. याम्पोल्स्की का मानना है कि वह समय अब ज्यादा दूर नहीं है जब एआई इंसानों को कार्यक्षेत्र से पूरी तरह बाहर कर देगा।
2045 तक बदल जाएगा समाज का स्वरूप
डॉ. याम्पोल्स्की ने दावा किया है कि आने वाले कुछ वर्षों में एआई इंसानों की लगभग 99 फीसदी नौकरियां खत्म कर सकता है। उनके अनुसार, वर्तमान में ऐसा कोई भी इंसानी काम नहीं बचा है जिसे मशीन द्वारा संचालित न किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि साल 2045 तक समाज एक ऐसे ‘सिंगुलैरिटी’ बिंदु पर पहुंच जाएगा, जहां से पीछे लौटना मुमकिन नहीं होगा। यह बदलाव पिछली औद्योगिक क्रांतियों से कहीं ज्यादा व्यापक और घातक साबित हो सकता है।
अगले 5 साल सबसे चुनौतीपूर्ण
डॉ. याम्पोल्स्की के मुताबिक, अगले पांच वर्षों के भीतर लगभग हर प्रकार के शारीरिक श्रम (Physical Labor) को ऑटोमेट किया जा सकता है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि हम एक ऐसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं जहां बेरोजगारी का स्तर 10-20 प्रतिशत नहीं, बल्कि 99 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। भविष्य में केवल वही नौकरियां बचेंगी जहां मानवीय भावना या व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई बहुत अमीर व्यक्ति अपनी पसंद के लिए एक इंसानी अकाउंटेंट रखना चाहे या किसी विशेष कार्य के लिए मानवीय स्पर्श की मांग करे, तो ही वे पद सुरक्षित रह पाएंगे।
शौक और निगरानी के लिए बचेंगे कुछ काम
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हस्तशिल्प और हाथ से बनी चीजों के लिए एक छोटा बाजार बना रह सकता है, क्योंकि कुछ लोग मशीनी उत्पादों के बजाय इंसानी मेहनत से बनी वस्तुओं को पसंद करेंगे। इसके अलावा, एआई की निगरानी और इसके रेगुलेशन से जुड़ी कुछ नौकरियां भी बची रह सकती हैं। डॉ. याम्पोल्स्की ने यह भी जोड़ा कि लंबे समय में एआई को पूरी तरह नियंत्रित करना शायद नामुमकिन हो जाए, लेकिन मानवीय निगरानी इस बदलाव की गति को कुछ धीमा जरूर कर सकती है।
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