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रांची: नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके हिंदपीढ़ी में लंबे समय से चल रहे नशीले पदार्थों के ‘होलसेल’ कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली ASP के नेतृत्व में हुई इस गुप्त छापेमारी ने ड्रग्स माफियाओं के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
गुप्त सूचना पर आधी रात को घेराबंदी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हिंदपीढ़ी के एक खास ठिकाने से पूरे शहर में नशीले पदार्थों की थोक में सप्लाई की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली ASP ने विशेष टीम का गठन किया और इलाके की घेराबंदी की। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक महिला समेत आधा दर्जन (6 लोगों) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
‘होलसेल’ मार्केट और मास्टरमाइंड का कनेक्शन
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह केवल खुदरा नशा नहीं बेचता था, बल्कि छोटे पैडलर्स को थोक भाव में नशीले पदार्थ उपलब्ध कराता था। इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड ‘मुन्ना’ नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही मुन्ना मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुन्ना का नेटवर्क न केवल रांची बल्कि आसपास के जिलों में भी फैला हुआ है।
महिला की भूमिका संदिग्ध
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल महिला की भूमिका को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि वह नशीले पदार्थों की सुरक्षित डिलीवरी और पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) को संभालने का काम करती थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ, नकद और वजन करने वाली छोटी मशीनें भी बरामद की हैं।
फरार मुन्ना की तलाश में छापेमारी जारी
कोतवाली ASP ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना मुन्ना तक पहुँचा जा सके। पुलिस ने मुन्ना के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही उसे भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
रांची पुलिस की इस कार्रवाई से हिंदपीढ़ी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे के कारण युवाओं के बिगड़ते भविष्य को लेकर चिंतित थे।

