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चाईबासा में ट्रैक पर हाथी, पेट्रोलिंग स्टाफ सहमा

Chaibasa news: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत पीडब्ल्यूआई चाईबासा के तालाबुरु सेक्शन में शुक्रवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रेल पटरी पर हाथियों का झुंड पहुंच गया। घटना सुबह करीब 6 बजे किलोमीटर संख्या 337/6-8 के पास की है, जहां आठ

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Chaibasa news: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत पीडब्ल्यूआई चाईबासा के तालाबुरु सेक्शन में शुक्रवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रेल पटरी पर हाथियों का झुंड पहुंच गया। घटना सुबह करीब 6 बजे किलोमीटर संख्या 337/6-8 के पास की है, जहां आठ हाथियों का समूह जंगल की ओर से निकलकर रेल लाइन की तरफ बढ़ता दिखाई दिया और धीरे-धीरे किलोमीटर 336/0 की दिशा में आगे बढ़ गया। उस समय ट्रैक मेंटेनर नाइट कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग पर तैनात थे।

हाथियों को अचानक पटरी की ओर आते देख ड्यूटी पर मौजूद ट्रैक मेंटेनर और कीमैन ने सतर्कता बरती और सुरक्षित दूरी बना ली। कर्मचारियों ने तत्काल इस संबंध में अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर तक हाथियों का झुंड ट्रैक के आसपास मंडराता रहा, जिससे कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। बाद में झुंड जंगल की ओर लौट गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई ट्रेन उस खंड से नहीं गुजरी और न ही किसी कर्मचारी को चोट पहुंची।

यह इलाका पहले से ही हाथी प्रभावित जोन के रूप में चिन्हित है। घटना के बाद कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के प्रतिनिधि चांद मोहम्मद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं गंभीर खतरे का संकेत हैं। उन्होंने मांग की कि हाथी जोन वाले सेक्शनों में कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग पर पुनर्विचार किया जाए और ड्यूटी रोस्टर में बदलाव कर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं होगा। अब रेल प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ठोस और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करे।

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