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क्या इजरायल का जासूस था जेफरी एपस्टीन? मोसाद कनेक्शन पर मची खलबली

Washington, (US): अमेरिका के सबसे चर्चित और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में तूफान ला दिया है। हाल ही में सामने आए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के एक गोपनीय दस्तावेज ने दावा किया है कि

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Washington, (US): अमेरिका के सबसे चर्चित और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में तूफान ला दिया है। हाल ही में सामने आए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के एक गोपनीय दस्तावेज ने दावा किया है कि एपस्टीन को कथित तौर पर पूर्व इजरायली प्रधानमंत्री एहुद बराक के संरक्षण में एक जासूस के रूप में ट्रेनिंग दी गई थी। हालांकि, इजरायल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।

FBI की रिपोर्ट में क्या है?

यह सनसनीखेज दावा FBI की एक खुफिया सूत्र रिपोर्ट का हिस्सा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, एक गोपनीय सूत्र ने हार्वर्ड लॉ प्रोफेसर एलन डर्शोविट्ज और एपस्टीन के बीच हुई फोन कॉल की जानकारियों को ट्रैक किया था। दावा है कि इन बातचीत की रिपोर्ट इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद तक पहुंचाई जाती थी। सूत्र के अनुसार, एपस्टीन केवल एक अपराधी नहीं बल्कि मोसाद का एक सहयोगी एजेंट हो सकता था, जो अमेरिकी और अन्य सहयोगी देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच सेतु का काम करता था।

नेतन्याहू का पलटवार

इन दावों पर इजरायल में भी सियासत गरमा गई है। पीएम नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि एपस्टीन का इजरायल के लिए काम करने का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एहुद बराक पर निशाना साधते हुए कहा कि एपस्टीन और बराक के निजी संबंधों का यह मतलब कतई नहीं है कि वह इजरायल का जासूस था। नेतन्याहू ने इन आरोपों को उनकी सरकार को अस्थिर करने की एक कोशिश करार दिया है।

अपुष्ट दावों का अंबार

इस खुफिया रिपोर्ट में कई अन्य विवादित आरोप भी हैं, जैसे कि सिलिकॉन वैली की एक फर्म पर तकनीक चोरी का आरोप और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के परिवार के इजरायल से गहरे संबंधों का जिक्र। हालांकि, विशेषज्ञ बार-बार यही कह रहे हैं कि ये सभी दावे फिलहाल एक ही सूत्र की बातों पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। एहुद बराक ने भी एपस्टीन से अपनी मुलाकातों की बात तो मानी है, लेकिन किसी भी तरह की जासूसी या गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है।

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