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ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड पर क्यों? 250 साल के जश्न से जुड़ा है राज

World News: वाशिंगटन से उठी एक हलचल ने 2026 की शुरुआत में ही दुनिया को चौंका दिया। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा किए जाने की खबरों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगला निशाना कौन होगा। ईरान

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World News: वाशिंगटन से उठी एक हलचल ने 2026 की शुरुआत में ही दुनिया को चौंका दिया। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा किए जाने की खबरों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगला निशाना कौन होगा। ईरान या फिर ग्रीनलैंड।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयानबाजी ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई यूरोपीय नेताओं को अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले जितने खतरनाक नहीं लग रहे। 16 जनवरी को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यूरोपीय संघ को रूस के साथ रिश्तों पर दोबारा सोचने का संकेत दे दिया।

इस खबर को भी पढ़ें : ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर, 250वें बर्थडे से पहले ‘नया मैनिफेस्ट डेस्टिनी’

विश्लेषकों का कहना है कि 2026 में ट्रंप का रुख पूरी तरह बदल चुका है। अब वे ऐसे नेता के तौर पर देखे जा रहे हैं, जो पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनकी नई सोच को विशेषज्ञ “डोनरो डॉक्ट्रिन” कह रहे हैं, जिसकी जड़ें 1823 की मुनरो डॉक्ट्रिन से जुड़ी मानी जा रही हैं।

ट्रंप के मुताबिक अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर पकड़ नहीं बनाई, तो रूस या चीन वहां अपना दबदबा जमा सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर साफ लिखा कि ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड उनके गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद अहम है। शीत युद्ध के दौर से ही अमेरिका वहां मिसाइल ट्रैकिंग रडार लगाता आया है।

ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और यह खनिजों व रेयर अर्थ मेटल्स से भरपूर माना जाता है। आकार में यह भारत के लगभग दो-तिहाई के बराबर है। इसके अलावा यह ग्रीनलैंड–आइसलैंड–ब्रिटेन गैप पर स्थित है, जो सैन्य रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप की जिद के पीछे सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि 19वीं सदी की सोच “मैनिफेस्ट डेस्टिनी” भी है। इसी सोच के तहत अमेरिका ने अपने इतिहास में कई इलाके खरीदे और कब्जाए। 1803 में फ्रांस से लुइसियाना और 1867 में रूस से अलास्का खरीदा गया था।

अब ग्रीनलैंड को लेकर यह बहस ऐसे वक्त में तेज हुई है, जब अमेरिका अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। 4 जुलाई 2026 को देशभर में भव्य समारोह की तैयारी है, जिसकी अगुवाई खुद ट्रंप करेंगे। व्हाइट हाउस में एक नया भव्य स्टेट बॉलरूम भी बनाया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप ग्रीनलैंड को सिर्फ रणनीतिक जरूरत नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत का हिस्सा बनाना चाहते हैं।

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