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World News: कनाडा की धरती पर बेहतर भविष्य का सपना लेकर जाने वाली भारतीय महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अक्सर देखा गया है कि परदेस में जाकर हमारी बहन-बेटियां घरेलू हिंसा, शोषण या कानूनी पेचीदगियों में फंसकर खुद को अकेला महसूस करती हैं। इसी दर्द को समझते हुए, टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ‘वन स्टॉप सेंटर फॉर वीमेन’ (OSCW) की शुरुआत की है।
सांस्कृतिक बाधाएं अब नहीं बनेंगी रुकावट?
कार्यवाहक महावाणिज्य दूत कपिध्वज प्रताप सिंह ने इस पहल के पीछे की मंशा साफ की है। उन्होंने बताया कि कनाडा में मदद करने वाली संस्थाओं की कमी नहीं है, लेकिन भारतीय महिलाएं अक्सर भाषा और सांस्कृतिक संकोच के कारण अपनी बात खुलकर नहीं कह पाती थीं। यह केंद्र इसी खाई को पाटने का काम करेगा। चाहे बात दहेज की हो, शोषण की या फिर किसी भी तरह के मानसिक तनाव की, यह केंद्र एक सुरक्षित ‘पुल’ की तरह काम करेगा।
किसे और कैसे मिलेगी इस केंद्र से मदद?
यह केंद्र केवल वहां बस चुके लोगों के लिए नहीं है। महावाणिज्य दूत के अनुसार, इसका दरवाजा हर उस भारतीय महिला के लिए खुला है जो कनाडा में है—चाहे वह वहां की स्थायी निवासी हो, वर्क परमिट पर काम कर रही कर्मचारी हो, या फिर पढ़ाई के लिए गई छात्रा। यहां न केवल काउंसलिंग और कानूनी सलाह दी जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर वित्तीय सहायता और साइको-सोशल सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा।
शुरुआत से ही मिल रही है जबरदस्त प्रतिक्रिया
26 दिसंबर 2025 को स्थापित हुए इस केंद्र को अभी चंद दिन ही हुए हैं, लेकिन इसकी जरूरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दर्जन से अधिक महिलाएं अपनी समस्याओं के साथ यहां संपर्क कर चुकी हैं। यह केंद्र कनाडा के स्थानीय कानूनों के दायरे में रहकर काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हर महिला को समय पर न्याय और सुरक्षा मिले।

