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बांग्लादेश पर हमला मतलब पाकिस्तान पर अटैक! पाक सेना की भारत को सीधी धमकी

World News: दक्षिण एशिया की राजनीति में एक ऐसा भूकंप आने वाला है, जो क्षेत्र के पारंपरिक सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख सकता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश, जो कभी एक-दूसरे से अलग हुए थे, अब एक ‘म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ (साझा रक्षा समझौते) के जरिए करीब

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World News: दक्षिण एशिया की राजनीति में एक ऐसा भूकंप आने वाला है, जो क्षेत्र के पारंपरिक सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख सकता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश, जो कभी एक-दूसरे से अलग हुए थे, अब एक ‘म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ (साझा रक्षा समझौते) के जरिए करीब आ रहे हैं। इस प्रस्तावित समझौते का सीधा और सरल मतलब यह है—’बांग्लादेश पर हमला, पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा’। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की यह ‘डिफेंस डिप्लोमेसी’ सीधे तौर पर भारत के लिए एक नई और गंभीर रणनीतिक चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

सऊदी अरब की तर्ज पर ‘ब्रह्मास्त्र’ डील; संयुक्त तंत्र का हुआ गठन

पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब के साथ एक ऐसा ही समझौता किया था, और अब वह उसी तर्ज पर बांग्लादेश को अपने पाले में कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों ने एक उच्चस्तरीय संयुक्त तंत्र का गठन किया है, जो इस समझौते की बारीकियों और मसौदे को अंतिम रूप दे रहा है। बांग्लादेश का वर्तमान सैन्य नेतृत्व, जो शेख हसीना के जाने के बाद बेहद सक्रिय है, पाकिस्तान के साथ प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सैन्य आदान-प्रदान में गहरी रुचि दिखा रहा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच कई दौर की गुप्त वार्ताएं भी संपन्न हो चुकी हैं।

शेख हसीना के जाते ही बदले समीकरण; आठ और देश कतार में

विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन ने पाकिस्तान को एक बड़ा मौका दे दिया है। पूर्ववर्ती सरकार के समय जो रिश्ते ठंडे बस्ते में थे, उन्हें अब रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर युद्ध स्तर पर सक्रिय किया जा रहा है। हालांकि, कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस समझौते पर अंतिम मुहर बांग्लादेश के आगामी आम चुनावों के बाद लग सकती है, ताकि इसे पूर्ण संवैधानिक वैधता मिल सके। चौंकाने वाली बात यह है कि केवल बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि लगभग आठ अन्य देश भी पाकिस्तान के साथ इसी तरह के रणनीतिक गठजोड़ में रुचि दिखा रहे हैं, जो इस्लामाबाद की बड़ी क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा है।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? बढ़ सकता है सुरक्षा जोखिम

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ता यह सैन्य समन्वय निश्चित रूप से भारत के लिए ‘टू-फ्रंट वॉर’ जैसी स्थिति को और अधिक जटिल बना सकता है। यदि यह समझौता औपचारिक रूप लेता है, तो भारत के पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर पाकिस्तान का प्रभाव बढ़ जाएगा। यह क्षेत्र की पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा असंतुलन पैदा करने की क्षमता रखता है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि भारत को अब अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के साथ-साथ बांग्लादेश के साथ अपने सैन्य और कूटनीतिक संवाद को नए सिरे से परिभाषित करने की तत्काल आवश्यकता है।

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