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दिसंबर से शुरू होगा शिशु पंजी सर्वेक्षण, डहर ऐप के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की पहल सफल

Ranchi : झारखंड में पहली बार आवास मानचित्रण (हैबिटेशन मैपिंग) और शिशु पंजी सर्वेक्षण का कार्य पूर्णत: डिजिटल तरीके से किया जा रहा है। इस दिशा में शिक्षा विभाग ने तकनीक का उपयोग बढ़ाते हुए डहर (DAHAR) ऐप और डहर पोर्टल विकसित किया है। इस

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Ranchi : झारखंड में पहली बार आवास मानचित्रण (हैबिटेशन मैपिंग) और शिशु पंजी सर्वेक्षण का कार्य पूर्णत: डिजिटल तरीके से किया जा रहा है। इस दिशा में शिक्षा विभाग ने तकनीक का उपयोग बढ़ाते हुए डहर (DAHAR) ऐप और डहर पोर्टल विकसित किया है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों के पोषक क्षेत्र के सभी बच्चों का वास्तविक आंकड़ा एकत्र करना, ड्रॉपआउट दर को नियंत्रित करना और घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से बेहतर शैक्षणिक योजना तैयार करना है।

शिक्षा परिषद द्वारा मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने की। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि नवंबर माह के अंत तक हर विद्यालय को हैबिटेशन मैपिंग का काम हर हाल में पूरा करना है। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एक सप्ताह तक लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

दिसंबर से शुरू होगा शिशु पंजी सर्वे

निदेशक शशि रंजन ने बताया कि हैबिटेशन मैपिंग पूरा होने के तुरंत बाद दिसंबर माह से राज्यभर में शिशु पंजी सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय निर्धारित समय में सर्वे पूरा नहीं करता है, तो संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं विद्यालय प्रधान (हेड मास्टर) पर कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान प्रभाग प्रभारी बिनीता तिर्की ने कहा कि एक पोषक क्षेत्र में दो स्कूलों को टैग नहीं किया जाएगा और किसी भी घर का सर्वे दोबारा नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिशु पंजी सर्वे में प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है। अनुपालन नहीं करने वाले शिक्षकों से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। तिर्की ने सभी अधिकारियों को डहर ऐप के अपडेटेड 1.4 वर्जन को डाउनलोड करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य सर्वे टीम के साथ टैग रहेंगे, ताकि कोई भी घर छूटने न पाए।

3,614 विद्यालयों ने पूरा किया लक्ष्य

राज्य में अब तक 3,614 विद्यालय हैबिटेशन मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। इसमें रांची जिला सबसे आगे है, जहां लगभग 52 प्रतिशत विद्यालय लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि डिजिटल तकनीक अपनाने से सर्वेक्षण अधिक पारदर्शी और तेज़ हो रहा है तथा भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में यह बड़ा आधार बनेगा।

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