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Social News: मिस्र की राजधानी काहिरा के मशहूर मिस्र संग्रहालय से एक ऐसा अनमोल खजाना गायब हो गया है, जिसने अधिकारियों से लेकर इतिहासकारों तक को चिंता में डाल दिया है। यह खजाना और कोई नहीं, बल्कि 3,000 साल पुराना सोने का कंगन है, जो कभी फिरौन किंग अमेनेमोपी का हुआ करता था।
इस कंगन की खासियत यह है कि इसमें नीले रंग का लैपिस लाजुली पत्थर जड़ा हुआ है। आखिरी बार इसे संग्रहालय की रेस्टोरेशन लैब में देखा गया था, लेकिन उसके बाद यह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि मामला अब सुरक्षा एजेंसियों और पब्लिक प्रॉसीक्यूशन ऑफिस को सौंप दिया गया है।
इतिहासकारों के मुताबिक, यह कंगन 21वीं वंश के शासक अमेनेमोपी का है, जिन्हें मिस्र का “कम चर्चित लेकिन बेहद दिलचस्प शासक” माना जाता है। उनकी कब्र 1940 में नील डेल्टा के पूर्वी हिस्से में खोजी गई थी। मंत्रालय ने सभी एयरपोर्ट्स, सीपोर्ट्स और बॉर्डर पोस्ट पर कंगन की तस्वीरें भेज दी हैं ताकि इसे तस्करी कर बाहर भेजने से रोका जा सके।
म्यूजियम के डायरेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें असली कंगन की नहीं हैं, बल्कि संग्रहालय में सुरक्षित रखे गए दूसरे आभूषण की हैं। इसके बावजूद इस गुमशुदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के फोरेंसिक पुरातत्वविद् क्रिस्टोस सिचिरोगियानिस ने कहा कि इस मामले में कई संभावनाएं हो सकती हैं। पहला, यह कंगन चोरी कर अंतरराष्ट्रीय आर्ट या एंटीक्विटी तस्करी नेटवर्क के जरिए किसी ऑक्शन हाउस या प्राइवेट कलेक्शन में पहुंच सकता है। दूसरी संभावना यह है कि चोर इसे पिघलाकर सोने में बदल दें, ताकि पहचान से बचा जा सके। तीसरा विकल्प यह है कि यह किसी निजी कलेक्टर के पास चला जाए और वहां हमेशा के लिए कैद हो जाए।
एक चौथा रहस्यमयी विकल्प भी है—चोर अचानक डरकर इसे वापस कर दें या यह संग्रहालय के आसपास ही मिल जाए। ऐसा पहले भी कई बार मिस्र में हो चुका है, जब चोरी हुई प्राचीन धरोहरें सालों बाद अचानक सामने आईं।
फिलहाल, 3,000 साल पुरानी इस सुनहरी कड़ी का रहस्य और गहराता जा रहा है, और पूरी दुनिया की नजर अब मिस्र की इस जांच पर टिकी है।

