श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने की जरूरत : नीतीश कुमार
उद्घाटन समारोह में नीतीश कुमार ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। हमें केवल उनका नाम लेने के बजाय उनके आदर्शों को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को जानने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने विकास और सुशासन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को भी बढ़ावा मिला है। रामलीला महोत्सव जैसे आयोजन बिहार की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं।
आयोजन समिति ने जताया आभार
दशहरा कमिटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने महोत्सव का उद्घाटन करने के लिए नीतीश कुमार का आभार जताया। कार्यक्रम में विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय गांधी, ट्रस्ट के चेयरमैन कमल नोपानी, अध्यक्ष अरुण कुमार, महासचिव प्रिंस कुमार राजू, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार, संयोजक मुकेश नंदन और सुषमा साहू समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल हुए।



