Patna: बिहार में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए गठित विशेष महिला पुलिस टीम ‘पुलिस दीदी’ (जिसे ‘अभय ब्रिगेड’ भी कहा जाता है) ने महज एक महीने के भीतर शानदार परिणाम दिए हैं। जुलाई 2026 में अंतिम रूप से अधिसूचित इस विशेष टीम ने अगस्त तक अपनी प्रभावी कार्रवाई से असामाजिक तत्वों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।
महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए इस टीम को और सबल बनाने के उद्देश्य से सीएम सम्राट चौधरी ने 26 अगस्त को एक हजार स्कूटी का वितरण किया था, और फिलहाल 1500 नई स्कूटी खरीदने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
790 मनचलों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
राज्यभर में गठित ‘पुलिस दीदी’ की टीमों ने अगस्त महीने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए महज एक महीने में 790 मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने विभिन्न थानों में कुल 21 मामले दर्ज किए हैं, जिससे शोहदों और मनचलों में हड़कंप मच गया है।
राज्यभर में 1040 टीमों का गठन
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार के सभी थानों में कुल 1040 पुलिस दीदी टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों की तैनाती विशेष तौर पर उन हॉट-स्पॉट और सार्वजनिक स्थलों पर की गई है, जहां महिलाओं और बालिकाओं का आवागमन सबसे अधिक होता है। इनमें स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेला और हाट-बाजार शामिल हैं।
हॉट-स्पॉट और शिक्षण संस्थानों के पास चौकसी
‘पुलिस दीदी’ की प्रत्येक टीम में एक स्कूटी पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है, जो संबंधित थानाध्यक्ष के निर्देशन में काम करती हैं। हाल ही में चलाए गए “ऑपरेशन विधि पालक युवक” विशेष अभियान के तहत इन टीमों ने राज्य के 2,694 संस्थानों (2,113 स्कूल, 67 कॉलेज और 514 अन्य सार्वजनिक स्थल) में जाकर लगभग 2,79,941 छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया है।





