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महिला खिलाड़ियों से खुले में कपड़े बदलने को कहा! खेल संघों का फूटा गुस्सा

Ranchi News : झारखंड की राजधानी रांची स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा खेल परिसर में खिलाड़ियों और खेल संघों का गुस्सा भड़क उठा है। बुधवार को कई खेल संघों के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव से मिलकर निगम अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों को परिसर

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Ranchi News : झारखंड की राजधानी रांची स्थित मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा खेल परिसर में खिलाड़ियों और खेल संघों का गुस्सा भड़क उठा है। बुधवार को कई खेल संघों के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव से मिलकर निगम अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों को परिसर के कमरों से जबरन बेदखल करने के प्रयास का विरोध दर्ज कराया।

प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि निगम के सीटी मैनेजर (मिशन) चंदन कुमार द्वारा लगातार खिलाड़ियों को कमरा खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने महिला खिलाड़ियों के प्रति बेहद अमानवीय और अपमानजनक रवैया अपनाते हुए यहां तक कह दिया कि “खुले में कपड़े बदल लो”। इस बयान को खिलाड़ियों ने नारी गरिमा का घोर अपमान और खेल भावना के खिलाफ बताया।

खेल संघों ने यह स्पष्ट किया कि जिन कमरों को खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, उनका उपयोग वर्षों से चेंजिंग रूम और खेल सामग्री के भंडारण के लिए किया जाता रहा है। यहां फुटबॉल, कबड्डी, वुडबॉल, जिम्नास्टिक, किक बॉक्सिंग, थ्रोबॉल, कोर्फबॉल, नेटबॉल, जरासंध अखाड़ा सहित कई खेल संघ नियमित रूप से अभ्यास और प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं।

प्रतिनिधियों ने बताया कि खेल परिसर के जीर्णोद्धार के समय एक DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाई गई थी, जिसमें इन भवनों को तोड़ने का प्रस्ताव था। लेकिन खिलाड़ियों, खेल संघों और तत्कालीन वार्ड पार्षद द्वारा विरोध किए जाने पर यह तीन पक्षीय सहमति बनी थी कि भवन को यथावत रखा जाएगा। अब निगम द्वारा उस सहमति को नजरअंदाज कर खिलाड़ियों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मांग की कि इन कमरों को स्थायी रूप से खिलाड़ियों के उपयोग के लिए आरक्षित किया जाए। साथ ही, निगम अधिकारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने मामले को गंभीर मानते हुए खिलाड़ियों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान निकालेंगे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हमारी प्राथमिकता हैं और उनका सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

वहीं दूसरी ओर खेल संघों ने चेतावनी दी है कि यदि निगम ने अपना खिलाड़ी विरोधी रवैया नहीं बदला और जबरन बेदखली की कोशिश जारी रही, तो वे सैकड़ों खिलाड़ियों के साथ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। यह सिर्फ कमरों की लड़ाई नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के आत्मसम्मान और सुरक्षित अभ्यास वातावरण की रक्षा का आंदोलन होगा।

प्रतिनिधिमंडल में गोविंद झा (जिम्नास्टिक), सर्वर इमाम (वुडबॉल), अमरेंद्र द्विवेदी (सेपक टकरा), दीपक वर्मा (किक बॉक्सिंग), मिथलेश सिंह (ताइक्वांडो), अंश वर्मा (जरासंध अखाड़ा), ब्रजेश गुप्ता (कोर्फबॉल), शुभम उरांव (चॉकबॉल), सागर कुमार (कबड्डी) सहित दर्जनों खेल प्रतिनिधि शामिल थे।

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