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अमेरिका से गायब महिला स्कॉटलैंड के रहस्यमयी कबीले में मिली

World News: अमेरिका के टेक्सास की रहने वाली गुम हुई एक महिला अजीबोगरीब कहानी में बदल गई। ये महिला लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर स्कॉटलैंड के जंगलों में मिली और वहां वह खुद को एक रहस्यमय कबीले का हिस्सा बता रही थी। ‘लेडी साफी’ बनी

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World News: अमेरिका के टेक्सास की रहने वाली गुम हुई एक महिला अजीबोगरीब कहानी में बदल गई। ये महिला लगभग पांच हजार किलोमीटर दूर स्कॉटलैंड के जंगलों में मिली और वहां वह खुद को एक रहस्यमय कबीले का हिस्सा बता रही थी।

‘लेडी साफी’ बनी लापता महिला, 

इस महिला का नाम कौरा टेलर है, जिसे अब लोग लेडी साफी के नाम से जानते हैं। वह “किंगडम ऑफ कुबाला” नामक एक छोटे से समूह के साथ रह रही है। इस समूह का नेतृत्व किंग अतेहेने नाम का व्यक्ति करता है, जो पहले कोफी ऑफेह नामक ओपेरा सिंगर था। उसके साथ उसकी पत्नी क्वीन नांदी और अब कौरा टेलर भी शामिल हैं।

जानें कौन है ये रहस्यमय समूह

यह समूह खुद को “खोया हुआ हिब्रू कबीला” बताता है और दावा करता है कि वे स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के मूल निवासी “ब्लैक जैकोबाइट्स” के वंशज हैं, जिन्हें 400 साल पहले इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम ने निष्कासित किया था। समूह का कहना है कि असली यरुशलम स्कॉटलैंड में है और किंग अतेहेने खुद को राजा दाऊद का वंशज मानते हैं।

महिला की गुमशुदगी पर परिवार परेशान था, लेकिन खुद कौरा टेलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह कभी लापता नहीं थीं, बल्कि अपने शोषणकारी परिवार से बचकर भागी थीं। उनका आरोप है कि बचपन से उनका यौन शोषण होता रहा और यही वजह है कि उन्होंने सबकुछ छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने साफ लिखा कि “आप अपने शोषकों के लिए कभी गायब नहीं होते।” इस बयान के बाद मामला और रहस्यमय हो गया। यह समूह आधुनिक कानून और नियमों को मानने से इनकार करता है। उनका कहना है कि जमीन किसी सरकार की नहीं, बल्कि केवल सृष्टिकर्ता यहोवाह की है। वे खुले तंबुओं में रहते हैं, झरनों के पानी से स्नान करते हैं और ध्यान के जरिए धरती से जुड़ने की बात कहते हैं। उनका मानना है कि पुरानी दुनिया खत्म हो रही है और अब दूसरा निर्वासन शुरू हो चुका है।

इसी सोच के कारण वे खुद को बाकी समाज से अलग मानते हैं। लेकिन स्कॉटिश अधिकारियों के लिए यह समस्या बन गया। उन्हें सरकारी जमीन पर अवैध रूप से डेरा डालने के कारण हटाया गया, मगर उन्होंने निजी जमीन पर फिर से डेरा डाल लिया। काउंसिल का कहना है कि अब यह मामला भूमि मालिक के अधिकार क्षेत्र में है। इस बीच समूह ने आरोप लगाया कि उनके तंबू जलाए गए और उन्हें बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। इस घटना ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

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