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अचानक से दुनिया भर के देशों के लिए खास हो गया ग्रीनलैंड… आखिर क्यों?

World News: आर्कटिक क्षेत्र में मौजूद ग्रीनलैंड आज अचानक पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम बन गया है। इसकी वजह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि तेजी से बदलता मौसम, पिघलती बर्फ और उसके नीचे छिपे संसाधन हैं। जैसे-जैसे दुनिया गर्म हो रही है, वैसे-वैसे ग्रीनलैंड की

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World News: आर्कटिक क्षेत्र में मौजूद ग्रीनलैंड आज अचानक पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम बन गया है। इसकी वजह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि तेजी से बदलता मौसम, पिघलती बर्फ और उसके नीचे छिपे संसाधन हैं। जैसे-जैसे दुनिया गर्म हो रही है, वैसे-वैसे ग्रीनलैंड की रणनीतिक कीमत भी बढ़ती जा रही है।

ट्रंप क्यों हैं बेताब?

ग्रीनलैंड अमेरिका और रूस के बीच स्थित है। आर्कटिक में यह ऐसा इलाका है, जहां अमेरिका, रूस, कनाडा और ग्रीनलैंड लगभग आमने-सामने आ जाते हैं। यही वजह है कि यह इलाका अब वैश्विक ताकतों की प्रतिस्पर्धा का नया मैदान बनता जा रहा है।

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ग्लोबल वार्मिंग के चलते आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है। जो इलाके दशकों तक बर्फ में दबे रहे, वे अब खुलने लगे हैं। इससे नए समुद्री रास्ते सामने आ रहे हैं, जो एशिया, यूरोप और अमेरिका के बीच सफर को छोटा और सस्ता बना सकते हैं। इन रास्तों पर नियंत्रण का मतलब है व्यापार पर मजबूत पकड़।

सिर्फ रास्ते ही नहीं, ग्रीनलैंड के नीचे छिपे संसाधन भी दुनिया को अपनी ओर खींच रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ग्रीनलैंड दुर्लभ खनिजों के मामले में दुनिया में आठवें स्थान पर है। यहां करीब 15 लाख टन दुर्लभ खनिज भंडार होने का अनुमान है। इसके अलावा तेल, गैस और दूसरी अहम धातुओं की मौजूदगी की भी बात कही जाती है।

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इन्हीं कारणों से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर खुलकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने की बात कही थी, जिसे उस समय मजाक या राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज कर दिया गया था। लेकिन अब दूसरे कार्यकाल में ट्रंप के तेवर बदले हुए हैं और वह ग्रीनलैंड पर कब्जे तक की बात कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्कटिक ऐसा क्षेत्र बन चुका है, जहां भविष्य में सैन्य, व्यापारिक और राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। ग्रीनलैंड अब सिर्फ बर्फ से ढंका एक दूरदराज इलाका नहीं रहा, बल्कि यह आने वाले समय में वैश्विक राजनीति का अहम केंद्र बन सकता है।

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आकार के लिहाज से भी ग्रीनलैंड बेहद विशाल है। यह अकेले ही फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली और जर्मनी जैसे देशों से बड़ा है। अगर कभी अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में ले लेता है, तो यह अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा क्षेत्रीय विस्तार होगा, जो अलास्का और कैलिफोर्निया जैसे बड़े राज्यों से भी बड़ा होगा।

यही वजह है कि ग्रीनलैंड और पूरा आर्कटिक इलाका आज दुनिया की बड़ी ताकतों के लिए इतना अहम बन गया है।

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