फॉण्ट कनवर्टर NEW

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी क्यों नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम?

New Delhi: देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठी आम जनता को बड़ा झटका लगा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कर दिया है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की

अपनी भाषा में पढ़ें

New Delhi: देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठी आम जनता को बड़ा झटका लगा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कर दिया है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर नहीं बनी रहतीं, तब तक ईंधन की खुदरा कीमतों में कमी नहीं की जाएगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण सरकारी तेल कंपनियों को 30 जून तक ईंधन की बिक्री पर कुल 2.19 लाख करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी (लागत से कम कीमत पर बेचना) हुई है, जिसने तत्काल राहत की संभावनाओं पर पानी फेर दिया है।

Read more: 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर हटेंगे सभी अस्थायी प्रतिबंध, सामान्य होगी व्यवस्था

पहली तिमाही में किस पर कितना हुआ घाटा?

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तेल कंपनियों को अकेले पेट्रोल पर 19,905 करोड़ रुपये, डीजल पर 1.44 लाख करोड़ रुपये और एलपीजी पर 24,148 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी झेलनी पड़ी है। इसके अलावा, पिछली तिमाहियों की एलपीजी अंडर-रिकवरी भी 30,720 करोड़ रुपये रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम भले ही अप्रैल के 120 डॉलर प्रति बैरल से घटकर अब करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हों, लेकिन घरेलू बाजार पर इसका असर तुरंत नहीं दिखता। पेट्रोल पंपों पर वर्तमान में बिकने वाला ईंधन दो महीने पहले खरीदे गए महंगे स्टॉक का है।

90 फीसदी तेल आयात पर निर्भर है भारत

गौरतलब है कि भारतीय तेल कंपनियों ने चार साल के लंबे अंतराल के बाद, 15 मई, 2026 को पेट्रोल में 7.38 रुपये और डीजल में 7.52 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी ताकि घाटे को कम किया जा सके। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक बाजार पर अत्यधिक निर्भर है, जहां देश का लगभग 90 फीसदी कच्चे तेल का हिस्सा आयात किया जाता है। इसके अलावा 50 फीसदी एलएनजी और 60 फीसदी एलपीजी भी विदेशों से आती है। वर्तमान में भारत के पास 76 से 80 दिनों का तेल भंडार सुरक्षित है, जिसे भविष्य की भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए और बढ़ाने की जरूरत है।

Read more: महंगाई का तगड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल ₹3 से ज्यादा हुआ महंगा, जानें अपने शहर का नया रेट!

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of Samsul Haque

Samsul Haque

Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor