Chatra News: सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार को लावालौंग प्रखंड मुख्यालय में ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी लावालौंग प्रखंड सड़क, बिजली और बेहतर मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कई बार जिला प्रशासन, स्थानीय विधायक और सांसद को ज्ञापन सौंपने के बावजूद केवल आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अपनी मांगों को लेकर क्षेत्र के लोग पहले भी कई बार वोट बहिष्कार जैसे आंदोलन कर चुके हैं, ताकि सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।धरना में लावालौंग–पांकी सड़क निर्माण को प्रमुख मांग बताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर सड़क के कारण बरसात में आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को भारी परेशानी होती है।ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय विधायक और सांसद ने सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सड़क का शिलान्यास कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। धरना के दौरान सांसद होश में आओ विधायक होश में आओ और झूठे वादे बंद करो के नारों से प्रखंड मुख्यालय परिसर गूंज उठा।धरना के अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक सड़क, बिजली और नेटवर्क की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे भी उग्र आंदोलन, भूख हड़ताल तथा आवश्यकता पड़ने पर फिर से वोट बहिष्कार जैसे जन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।धरना में शंकर साहू, महमूद खान, नेमन भारती, छठू सिंह भोक्ता, सरजू यादव, भोला राम, मुकेश यादव, अंशु यादव समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।




