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वीबी-जी राम जी योजना से बदला खामकला, 50 एकड़ खेतों तक पहुंचा पानी

कैमूर के अधौरा में बांध के जीर्णोद्धार और चेकडैम निर्माण से सिंचाई का पानी 50 एकड़ कृषि भूमि तक पहुंच रहा है, खेती के साथ मछली पालन और नर्सरी को बढ़ावा मिला।

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Patna: कैमूर के अधौरा प्रखंड की दिघार पंचायत के राजस्व गांव खामकला में बांध के जीर्णोद्धार और चेकडैम निर्माण से सिंचाई की सुविधा बेहतर हुई है। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इससे करीब 50 एकड़ कृषि भूमि तक पानी पहुंच रहा है। जल उपलब्धता बढ़ने से खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन और पौधशाला जैसे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

ग्राम सभा के प्रस्ताव पर शुरू हुआ काम

खामकला से सटे कैमूर पहाड़ी क्षेत्र का पानी बरसात के दौरान बहकर निकल जाता था। जल संकट से निपटने के लिए ग्राम सभा स्तर पर बांध के जीर्णोद्धार और चेकडैम निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर ग्रामीण विकास विभाग को भेजा गया। विभाग ने सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को पुनर्जीवित करने से संबंधित मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-टू के जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके बाद परियोजना को वीबी-जी राम जी योजना (पूर्व मनरेगा) में शामिल कर चेकडैम निर्माण और हरि बांध के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया।

जल उपलब्धता बढ़ी तो खेती को मिला सहारा

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, जल संरक्षण की इस पहल से खामकला में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है। इससे किसान पारंपरिक फसलों के साथ सब्जी उत्पादन और जैविक खेती की ओर भी बढ़ रहे हैं। विभाग के मुताबिक, क्षेत्र में खास तौर पर सोनाचूर चावल के उत्पादन में वृद्धि हुई है। सिंचाई की सुविधा बेहतर होने से कृषि उत्पादकता और किसान परिवारों की घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की बात कही गई है।

मछली पालन और बत्तख पालन को भी बढ़ावा

चेकडैम और हरि बांध में पानी की उपलब्धता से जीविका दीदियों के लिए भी नए अवसर बने हैं। यहां बत्तख पालन और मछली पालन को बढ़ावा मिला है। वहीं, बांध के कमांड एरिया और चेकडैम के जलग्रहण क्षेत्रों में पौधारोपण के साथ दीदी की नर्सरी का संचालन किया जा रहा है। बांध के किनारों पर पौधे लगाए जाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ उनकी बिक्री से जीविका दीदियों की अतिरिक्त आमदनी का भी जरिया बना है।

जल संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, चेकडैम और बांध में पानी की उपलब्धता ने खेती के अलावा पशुपालन और मत्स्य पालन के अवसर भी बढ़ाए हैं। स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण की संरचनाओं से ग्रामीण आजीविका को जोड़ने की कोशिश की गई है। परियोजना के निर्माण और जीर्णोद्धार के काम में स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों की भागीदारी भी रही है।

50 एकड़ भूमि तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी

ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कैमूर के अधौरा प्रखंड स्थित खामकला में हरि बांध के जीर्णोद्धार और चेकडैम का निर्माण सिंचाई सुविधा को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास राज्य के अंतिम छोर तक किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। मंत्री के अनुसार, 50 एकड़ कृषि भूमि तक पानी पहुंचने से सूखे खेतों में हरियाली और पैदावार बढ़ने के साथ भूजल स्तर में सुधार तथा मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

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