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उत्तराखंड में 26 अक्टूबर से मिठाइयों पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट

उत्तराखंड में 26 अक्टूबर से खुले में बिकने वाली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण व एक्सपायरी तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसे लेकर व्यापारियों में चिंता है।
उत्तराखंड मिठाई एक्सपायरी डेट नियम

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Dehradun: त्योहारी सीजन के ठीक बीच उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी 26 अक्टूबर से खुले में बिकने वाली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर ‘यूज बाई डेट’ (इस्तेमाल की अंतिम तारीख) या निर्माण तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू हो चुकी है। इस नए आदेश के बाद उपभोक्ताओं के लिए तो मिलावट और बासी सामान से बचाव की राह आसान हो गई है, लेकिन छोटे हलवाइयों और मिठाई कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।

व्यापारियों की चिंता: त्योहारों के बीच बार-बार स्टिकर बदलना चुनौती

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि त्योहारी सीजन में ग्राहकों की भारी भीड़ होती है और ऐसे में हर डिब्बे या ट्रे पर लगातार तारीख बदलकर स्टिकर चस्पा करना एक बहुत बड़ी व्यावहारिक चुनौती है। दुकानदारों का तर्क है कि पहले से ही प्रतिष्ठानों में कुशल कर्मचारियों की कमी है, और यह अतिरिक्त कागजी या तकनीकी काम उनके व्यावसायिक कामकाज में बाधा बन सकता है। व्यापारी संगठनों ने खाद्य विभाग से गुहार लगाई है कि इस नियम को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। हालांकि, खाद्य विभाग का स्पष्ट रुख है कि यदि यह नियम त्योहारों के पीक सीजन में लागू नहीं हुआ, तो इसकी सार्थकता ही समाप्त हो जाएगी।

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उठाया गया अहम कदम

यह सख्त नियम सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य, स्वच्छता और अधिकारों से जुड़ा है। अभी तक ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय पूरी तरह दुकानदार के मौखिक आश्वासन पर ही भरोसा करना पड़ता था कि उत्पाद ताजा है या नहीं। विशेषकर दूध, मावा और छेने से बनी मिठाइयां बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं। नए नियम के तहत अब ग्राहकों को यह जानने का पूरा कानूनी अधिकार मिल गया है कि वे जो खाद्य पदार्थ खरीद रहे हैं, वह कब तैयार हुआ है और कब तक उपभोग के योग्य है।

एफएसएसएआई का पुराना नियम, जो अब राज्यों ने बनाया प्रभावी

दिलचस्प पहलू यह है कि यह कोई नया प्रावधान नहीं है। केंद्रीय खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने वर्ष 2020 में ही खुले में बिकने वाली मिठाइयों पर तारीख प्रदर्शित करने का नियम देशस्तर पर बनाया था। हालांकि, उस समय दुकानदारों के देशव्यापी और कड़े विरोध के चलते इसे टाल दिया गया था और 2023 में वापस ले लिया गया था। अब यूपी और उत्तराखंड सरकारों ने इसे अपने स्तर पर सख्ती से लागू कर एक बड़ा कदम उठाया है। हालांकि, किस मिठाई की शेल्फ लाइफ कितने दिन होगी, यह तय करने की जिम्मेदारी फिलहाल दुकानदारों पर ही छोड़ी गई है, जिसे लेकर नियमों की स्पष्टता पर अभी बहस जारी है।

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