रांची: राजधानी के शहरी क्षेत्र में कार्यरत सहायक अध्यापकों के लिए शनिवार का दिन राहत लेकर आया। पिछले तीन वर्षों से मानदेय में लंबित 4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। रांची नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में इस लंबे समय से अटकी मांग पर मुहर लगा दी गई।
बैठक में महापौर, उपमहापौर, महापौर द्वारा मनोनीत सदस्य संजय कुमार महतो, जिला शिक्षा अधीक्षक, पार्षदगण और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सहायक अध्यापकों के सेवाशर्त नियमावली और मानदेय वृद्धि से जुड़े नियमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (दिनांक 14 फरवरी 2022) और ‘झारखंड सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली 2021’ के अनुसार, जिन सहायक अध्यापकों की सेवा संतोषप्रद पाई जाती है, उन्हें हर वर्ष मानदेय में 4 प्रतिशत की वृद्धि देने का स्पष्ट प्रावधान है। इसी आधार पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के पत्र का संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यह वृद्धि कोई नया वित्तीय लाभ नहीं है, बल्कि नियमावली में पहले से तय हक है जो पिछले तीन सालों से लंबित था। इसका लाभ केवल उन्हीं सहायक अध्यापकों को मिलेगा जिनके शैक्षणिक और शैक्षणिक-प्रशिक्षण संबंधी सभी प्रमाणपत्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है और जिनकी कार्य सेवा संतोषप्रद दर्ज की गई है।
निर्णय की घोषणा करते हुए महापौर ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत बनाने में सहायक अध्यापकों का अतुलनीय योगदान है। उनके अधिकारों और जायज मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। इसी सोच के साथ नगर निगम ने पिछले तीन वर्षों के लंबित एरियर और 4 प्रतिशत मानदेय वृद्धि को तुरंत प्रभाव से स्वीकृति दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के कागजी प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि पात्र अध्यापकों के खातों में समय पर लाभ पहुंच सके। नगर निगम के इस ऐतिहासिक निर्णय से शहरी क्षेत्र के सैकड़ों शिक्षकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और उन्होंने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है।




