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गुजरात में मजदूर की संदिग्ध मौत पर बवाल, कंपनी गेट पर शव रखकर धरने पर बैठे परिजन

Saraikela news: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 स्थित बोल बम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से गुजरात काम करने गए एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद गुरुवार को आदित्यपुर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी साजू केसरी के

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Saraikela news: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 स्थित बोल बम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से गुजरात काम करने गए एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद गुरुवार को आदित्यपुर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक की पहचान जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी साजू केसरी के रूप में हुई है। गुजरात में उसका शव फंदे से लटका मिला था, लेकिन परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि मामले में कई सवाल अनुत्तरित हैं और मौत की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

शव के जमशेदपुर पहुंचते ही परिजन और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग बोल बम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के गेट पर पहुंचे और शव रखकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक की मौत की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

परिजनों का कहना है कि साजू केसरी को कंपनी की ओर से गुजरात भेजा गया था, इसलिए कंपनी प्रबंधन इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। उनका आरोप है कि मजदूर की मौत के बाद कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहे हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है।

मामले को राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की आदित्यपुर नगर इकाई ने आंदोलनरत परिजनों के समर्थन में उतरते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। झामुमो नेता राजेश लाहा ने कहा कि मजदूर की मौत के बाद कंपनी प्रबंधन का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रबंधन के लोग गायब हैं और परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

राजेश लाहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा तथा शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

घटना के बाद कंपनी परिसर के आसपास बड़ी संख्या में मजदूर और स्थानीय लोग जुट गए, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा। प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक धरना जारी था।

फिलहाल साजू केसरी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं परिजन न्याय, जवाबदेही और मुआवजे की मांग को लेकर अपने रुख पर कायम हैं।

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