Health Adda: बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और ठंड लगने जैसी मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस बदलते मौसम में सबसे पहले संक्रमण की चपेट में आते हैं। बारिश में भीगने के बाद यदि शरीर में ठंड, खांसी या बुखार के शुरुआती लक्षण नजर आएं, तो घबराने के बजाय किचन में मौजूद घरेलू और पारंपरिक नुस्खे अपनाकर तुरंत राहत पाई जा सकती है। इनमें सबसे ज्यादा असरदार और कारगर उपाय है सौंठ (सूखा अदरक/Dry Ginger) का नियमित उपयोग।
औषधीय गुणों की खान है सौंठ
आयुर्वेद और मेडिकल साइंस के अनुसार सौंठ में एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मानसूनी संक्रमणों से लड़ने में बेहद मददगार साबित होते हैं। यह शरीर को अंदरूनी गर्माहट प्रदान करता है। सौंठ में पाए जाने वाले एक्टिव तत्व ‘जिंजरोल’ और ‘शोगोल’ बुखार की तीव्रता को कम करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में काफी असरदार हैं। इसके नियमित सेवन से न केवल सर्दी-जुकाम से त्वरित राहत मिलती है, बल्कि मौसमी बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलती है।
सौंठ की चाय और गुड़ का सेवन
सौंठ का इस्तेमाल करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है सौंठ की हर्बल चाय बनाना। इसके लिए एक कप साफ पानी में आधा चम्मच सौंठ पाउडर डालकर 5 मिनट तक अच्छी तरह उबालें। इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर गुनगुना पिएं। इसे दिन में दो बार पीने से बंद नाक, गले की खराश और जुकाम में तेजी से आराम मिलता है। इसके अलावा सर्दी के शुरुआती लक्षण दिखते ही सौंठ पाउडर को शुद्ध गुड़ के साथ मिलाकर छोटी गोली बनाकर खाना भी शरीर को गर्म रखने और खांसी रोकने में बेहद फायदेमंद साबित होता है।
हल्दी-तुलसी के साथ बनाएं गुणकारी काढ़ा
सौंठ का दूसरा सबसे शक्तिशाली नुस्खा इसका काढ़ा तैयार करना है। पानी में थोड़ी हल्दी, सौंठ पाउडर, काली मिर्च और ताजी तुलसी की पत्तियों को धीमी आंच पर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर गुनगुना पिएं। यह काढ़ा गले के दर्द, सीने की जकड़न, खांसी और बुखार को तेजी से खत्म करता है। यह प्राकृतिक उपाय पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों को भी सीमित मात्रा में दिया जा सकता है।





