Health Adda: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बढ़ते दबाव और निजी चिंताओं के चलते ज्यादातर लोग मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं। इस वजह से दिमाग में हर वक्त एक अनचाहा बोझ बना रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, चिंता, डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और अनिद्रा (Insomnia) जैसी गंभीर समस्याओं की मुख्य जड़ बेचैन मन ही है। ऐसी स्थिति में मन को शांत रखना केवल एक जरूरत नहीं, बल्कि इसे दैनिक दिनचर्या की अनिवार्य आदत बनाना जरूरी हो गया है। जब दिमाग फिजूल की बातों में उलझता है, तो जरूरी कामों पर फोकस खत्म हो जाता है और छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन व झगड़े बढ़ने लगते हैं।
यदि आप भी इस तरह की मानसिक उलझन का सामना कर रहे हैं, तो यह समय अपने दिमाग की ‘डीप क्लीनिंग’ करने का है, ताकि आप दोबारा रिलैक्स और प्रोडक्टिव महसूस कर सकें। इसके लिए कुछ बेहद आसान आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल किया जा सकता है:
रात को डायरी लिखने की आदत बनाएं
सोने से पहले रोजाना सिर्फ 15 मिनट डायरी लिखने का नियम बनाएं। यह आपके दिनभर के विचारों, दबाव और दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालने का सबसे बेहतरीन जरिया है। ऐसा करने से मानसिक तनाव तेजी से कम होता है, सुबह उठने पर फ्रेशनेस महसूस होती है और काम में एकाग्रता बढ़ती है।
पसंदीदा संगीत से एंग्जायटी करें दूर
म्यूजिक न केवल मूड को तुरंत ठीक करता है, बल्कि यह याददाश्त, लर्निंग स्किल्स और फोकस को भी मजबूत बनाता है। जब भी घबराहट या एंग्जायटी महसूस हो, तो अपनी पसंद का शांत संगीत सुनें। यह दिमाग को तुरंत राहत देने का काम करता है।
7 घंटे की पूरी और गहरी नींद लें
रात में कम से कम 7 घंटे की निर्बाध नींद लेना मानसिक और भावनात्मक संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है। नींद की कमी से डिसीजन मेकिंग कमजोर होती है और तनाव बढ़ता है।
वॉक और वर्क डेस्क में छोटा बदलाव
काम के दौरान जब भी दिमाग सुस्त लगे, तो तुरंत एक छोटा ब्रेक लेकर पार्क या खुली हवा में वॉक करें। यह दिमाग को रीसेट करने में मदद करता है। इसके अलावा, ऑफिस पहुंचते ही थकान से बचने के लिए अपनी वर्क डेस्क को साफ-सुथरा और फ्रेश लुक दें। यह छोटा-सा बदलाव आपकी वर्क एफिशिएंसी बढ़ा देगा।





