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ट्रंप की चेतावनी: रेस्क्यू ऑपरेशन लीक करने वाले ‘भेदिए’ को नहीं छोड़ेंगे

वॉशिंगटन, (अमेरिका) | एजेंसी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान में चलाए गए एक बेहद संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। ट्रंप ने सीधे तौर पर संकेत दिया है कि उनके प्रशासन के भीतर ही कोई ‘भेदिया’

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वॉशिंगटन, (अमेरिका) | एजेंसी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान में चलाए गए एक बेहद संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। ट्रंप ने सीधे तौर पर संकेत दिया है कि उनके प्रशासन के भीतर ही कोई ‘भेदिया’ मौजूद है, जिसने गुप्त सैन्य ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका प्रशासन उस अज्ञात व्यक्ति को खोजने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है, क्योंकि उस शख्स की इस हरकत ने ईरान में फंसे अमेरिकी जवानों की जान को गंभीर खतरे में डाल दिया था।

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यह पूरा मामला 2 अप्रैल का है, जब ईरान ने अमेरिकी एफ-15ई (F-15E) लड़ाकू विमान को अपने हवाई क्षेत्र में मार गिराया था। विमान में सवार पायलट को तो तुरंत बचा लिया गया था, लेकिन दूसरे जवान को सुरक्षित निकालने के लिए एक विशाल सैन्य अभियान चलाना पड़ा। ट्रंप ने उस पत्रकार और मीडिया संस्थान को भी कानूनी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है, जिसने सबसे पहले इस खबर को ब्रेक किया था। ट्रंप ने दो टूक कहा, “जिसने भी यह न्यूज पब्लिश की है, अगर वह अपने सोर्स का नाम नहीं बताता है, तो उसे जेल जाना पड़ेगा और यह सिलसिला अब ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि इस सीक्रेट रेस्क्यू ऑपरेशन की गोपनीयता भंग होने से ईरानी सुरक्षा बलों को यह पता चल गया था कि क्षेत्र में एक और अमेरिकी जवान मौजूद है। इस मिशन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 155 विमान शामिल थे, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट तैनात किए गए थे। ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन का एक बड़ा हिस्सा केवल ईरानी सेना को भ्रमित करने के लिए डिजाइन किया गया था, ताकि वे घायल जवान की लोकेशन तक न पहुंच सकें।

ऑपरेशन की चुनौतियों को साझा करते हुए ट्रंप ने बताया कि दुश्मन के इलाके में विमान गिरने के बाद जवान का वहां से दूर निकलना जरूरी था। वह अमेरिकी एयरमैन गंभीर रूप से घायल था और उसका काफी खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद उसने अदम्य साहस दिखाते हुए पहाड़ी इलाके को पार किया और सुरक्षित स्थान से अपनी लोकेशन साझा की। ट्रंप ने दोहराया कि सैन्य गोपनीयता से समझौता करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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