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शांतिदूत या युद्ध नायक? ट्रंप का बड़ा दावा- ‘मैंने रुकवाए दुनिया के 8 युद्ध’

Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विदेश नीति के जरिए दुनिया को एक नया और कठोर संदेश दिया है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम समेत दुनिया के 8 बड़े युद्धों को रुकवाया है, लेकिन इसके समानांतर वे एक साथ

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Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विदेश नीति के जरिए दुनिया को एक नया और कठोर संदेश दिया है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम समेत दुनिया के 8 बड़े युद्धों को रुकवाया है, लेकिन इसके समानांतर वे एक साथ कई देशों में सैन्य ऑपरेशन भी चला रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘डर के जरिए शांति’ (Peace through Fear) स्थापित करने की एक सोची-समझी योजना है।

ईरान और वेनेजुएला: तख्तापलट की कोशिशें

शनिवार को ईरान पर हुए भीषण हमलों के बाद ट्रंप ने वहां की जनता से 1979 के इस्लामी शासन के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ट्रंप का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को जड़ से खत्म करना और वहां सत्ता परिवर्तन करना है। इससे पहले, अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला में घुसकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अपनी सैन्य धाक जमाई। ट्रंप ने साफ कहा, “दुनिया ने हमारी शक्ति देख ली है, अब दुश्मनों को डरना चाहिए।”

ड्रग्स और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना ने अब तक 45 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं आतंकवाद के खिलाफ:

  • इराक: मार्च 2025 में आईएसआईएल के नंबर-2 कमांडर अब्दुल्ला अबू खदीजा को मार गिराया।

  • सीरिया: दिसंबर 2025 में दो अमेरिकी सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए पालिमारा में भारी बमबारी की।

  • यमन: लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा के लिए हुती विद्रोहियों के ठिकानों को तबाह किया।

अफ्रीका में बढ़ती सैन्य दखल

ट्रंप प्रशासन का रडार अब अफ्रीका पर भी है। सोमालिया में अल-शबाब और आईएसआईएल के खिलाफ हवाई हमलों में रिकॉर्ड वृद्धि की गई है। वहीं नाइजीरिया को चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि वहां ईसाइयों का नरसंहार नहीं रुका, तो अमेरिका सीधे हवाई हमले (Air Strikes) शुरू कर देगा। फिलहाल वहां 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

ट्रंप की यह ‘प्रोएक्टिव’ सैन्य नीति कूटनीति के पुराने नियमों को बदल रही है। दुनिया अब इस बहस में उलझी है कि क्या ट्रंप वाकई युद्ध रुकवा रहे हैं या नए वैश्विक संघर्षों की नींव रख रहे हैं।

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